फतेहपुर, शमशाद खान । शहर मे बिजली विभाग के प्राइवेट मीटर रीडरों की मनमानी और अवैध उगाही का शिकार जनता हो रही है। प्राइवेट मीटर रीडर उपभोक्ताओं के घर रीडिंग लेने नही जाते हैं तथा महीनों वर्षों बाद उपभोक्ता को एक भारी भरकम रकम का बिल थमा दिया जाता है। मीटर रीडिंगों की मनमानी के चलते भारी भरकम बिजली के बिल को लेकर उपभोक्ता विभाग के चक्कर लगाता है तथा उसको बिल संसोधन के नाम पर ठगी का शिकार होना पड़ रहा है।
शहर मे बिजली उपभोक्ताओं को प्राइवेट मीटर रीडरों की लूट का शिकार बनाये जाने की शिकायत उपभोक्ताओं ने विभाग के आला अफसरों से भी कई बार की है किन्तु हमाम मे तो सभी नंगे है तो उपभोक्ताओं द्वारा की जाने वाली शिकायत पर कार्यवाही कौन करेगा। शहर तमाम ऐसे भी बिजली उपभोक्ता है जिनके यहां विभाग द्वारा बिजली का बिल दो-दो तीन-तीन वर्ष से नही भेजा गया है और बाद मे जब भेजा भी गया है तो इतनी भारी भरकम रकम का बिल भेजा गया है कि यदि वह अपना घर भी बेंच दे तो शायद बिजली विभाग का कर्ज नही अदा कर सकता है। इतना ही नही प्राइवेट मीटर रीडरों की फौज ने उपभोक्ताओं से महीने मे अवैध वसूली करके मीटर मे अंकित होने वाली रीडिंग को बिजली के बिल पर कम दर्शाता है। किन्तु रीडरों द्वारा गुमराह किये जा रहे उपभोक्ताओं को शायद यह पता नही है कि कम रीडिंग का बिल निकलवाने का खामियाजा मीटर रीडर को नही बल्कि उनको ही भोगना है और धीरे-धीरे मीटर मे रीडिंग स्टोर हो जाती है फिर निकलता है मीटर से भारी भरकम रकम के बिल का जिन्न। मीटर रीडरों की मनमानी की शिकायत उपभोक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों से मिलकर की है किन्तु विभाग द्वारा किसी भी मीटर रीडर के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की गयी है। इससे साफ जाहिर होता है कि विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी भ्रष्टाचार मे अछूती नही है।

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