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Thursday, 23 March 2017

दिव्यांग होना कोई सामाजिक अभिषाप नहीं- विधायक

फतेहपुर, शमशाद खान । ग्राम भारती जन कल्याण समिति के तत्वाधान में दिव्यांगों के समग्र विकास हेतु एक सेमिनार का आयोजन शहर के गै्रण्ड लान मे सम्पन्न हुआ। जिसमे ंसेमिनार के मुख्य अतिथि करन सिंह पटेल विधायक ने अपने उद्बोधन मे दिव्यांगों को शैक्षिक, सामाजिक एवं व्यवहारिक परिस्थितियों मे अदम्य साहस प्राप्त करने तथा शासन द्वारा दिव्यांगों हेतु दी जाने वाली सुविधाओं के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। श्री पटेल ने कहा कि दिव्यांग होना कोई सामाजिक अभिषाप नही है। यह एक असामाजिक घटनाओं का परिणाम है यदि व्यक्ति साहस करे तो सब कुछ कर सकता है। विशिष्ट अतिथि सदर विधायक विक्रम सिंह ने कहा कि शासन द्वारा दिव्यांगों हेतु भरण पोषण हेतु एक हजार रूपया प्रतिमाह अनुदान दिये जाने का आश्वासन दिया गया तथा ऐसे दिव्यांग जिनकी पात्रता 40 या उससे अधिक है उन्हें श्रवण सहायक यंत्र ट्राईसाइकिल, कान की मशीन, बनावटी हांथ एवं पैर तथा पहिए तथा पहिए वाली कुर्सी आवश्यकतानुसार कार्य संचालन हेतु दी जाती है। जिला विकलांग कल्याण अधिकारी डा0 प्रीतिलता न बताया कि 40 प्रतिशत जो व्यवसाय करना चाहते हैं। उन्हें 20 हजार रूपये की धनराशि जिसमे पांच हजार रूपये अनुदान तथा पन्द्रह हजार रूपये फीसदी व्याजदर की वापसी पर उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही ऐसे दिव्यांग जन जो चालिस प्रतिशत से ऊपर के हैं और बालिक है यदि शादी करना चाहते हैं तो 24 हजार रूपये प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाता है। यदि पुरूष दिव्यांग है तो 11 हजार रूपये प्रोत्साहन मिलता है। अनुदान पति/पत्नी को संयुक्त रूप से दिया जाता है। आयोजक संस्था प्रबन्धक राजेश सिंह ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग साथियों हेतु विद्यालय छात्रावास, कौशल विकास केन्द्र बचपन डे केयर सेन्टर, अस्पताल, मनो विकास केन्द्र आदि का संचालन भी किया जा रहा है। जिसके माध्यम से अल्प आय वाले दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, व्यवसायिक क्षेत्र मे प्रशिक्षण, छोटे बच्चों मे शिक्षा का उत्साह भरने तथा वृद्धि विकास प्रदान करने जैसी योजनाओं का संचालन किया जाता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीके पाण्डेय ने बताया कि सेमिनार की सराहना करते हुए कि दिव्यांगों के लिए हमेशा मेरे दरवाजे खुले रहेंगे। उनकी सहायता के लिए मेरे द्वारा कभी भी दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत करने मे उदासीनता नही बरती जायेगी और निःशुल्क रूप से इनके स्वास्थ्य के लिए कार्य करने के बाद मुझे ऐसा अनुभव होगा कि मै दिव्यांगों की नहीं बल्कि ईश्वर की सेवा कर रहा हूं। इस आयोजन मे लगभग एक सैकड़ा दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत किये गये इनके साथ डा0 मनोज कौशिक हड्डी विशेषज्ञ, डा0 ओपी द्विवेदी एन0टी0 सर्जन, डा0 एआरमिश्रा आई सर्जन, अतुल वर्मा कनिष्ठ सहायक के रूप मे कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस मौके पर भाकियू नेता राजेन्द्र सिंह, सुरेश पटेल, कमल सिंह पटेल, यूनुस, कविता रस्तोगी, माधुरी साहू, नमिता सिंह, भावना श्रीवास्तव, प्रदीप राज श्रीवास्तव उर्फ दीपू, वैभव, चेतन, जितेन्द्र, जेबी सिंह आदि मौजूद रहे।
 । ग्राम भारती जन कल्याण समिति के तत्वाधान में दिव्यांगों के समग्र विकास हेतु एक सेमिनार का आयोजन शहर के गै्रण्ड लान मे सम्पन्न हुआ। जिसमे ंसेमिनार के मुख्य अतिथि करन सिंह पटेल विधायक ने अपने उद्बोधन मे दिव्यांगों को शैक्षिक, सामाजिक एवं व्यवहारिक परिस्थितियों मे अदम्य साहस प्राप्त करने तथा शासन द्वारा दिव्यांगों हेतु दी जाने वाली सुविधाओं के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। श्री पटेल ने कहा कि दिव्यांग होना कोई सामाजिक अभिषाप नही है। यह एक असामाजिक घटनाओं का परिणाम है यदि व्यक्ति साहस करे तो सब कुछ कर सकता है। विशिष्ट अतिथि सदर विधायक विक्रम सिंह ने कहा कि शासन द्वारा दिव्यांगों हेतु भरण पोषण हेतु एक हजार रूपया प्रतिमाह अनुदान दिये जाने का आश्वासन दिया गया तथा ऐसे दिव्यांग जिनकी पात्रता 40 या उससे अधिक है उन्हें श्रवण सहायक यंत्र ट्राईसाइकिल, कान की मशीन, बनावटी हांथ एवं पैर तथा पहिए तथा पहिए वाली कुर्सी आवश्यकतानुसार कार्य संचालन हेतु दी जाती है। जिला विकलांग कल्याण अधिकारी डा0 प्रीतिलता न बताया कि 40 प्रतिशत जो व्यवसाय करना चाहते हैं। उन्हें 20 हजार रूपये की धनराशि जिसमे पांच हजार रूपये अनुदान तथा पन्द्रह हजार रूपये फीसदी व्याजदर की वापसी पर उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही ऐसे दिव्यांग जन जो चालिस प्रतिशत से ऊपर के हैं और बालिक है यदि शादी करना चाहते हैं तो 24 हजार रूपये प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाता है। यदि पुरूष दिव्यांग है तो 11 हजार रूपये प्रोत्साहन मिलता है। अनुदान पति/पत्नी को संयुक्त रूप से दिया जाता है। आयोजक संस्था प्रबन्धक राजेश सिंह ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग साथियों हेतु विद्यालय छात्रावास, कौशल विकास केन्द्र बचपन डे केयर सेन्टर, अस्पताल, मनो विकास केन्द्र आदि का संचालन भी किया जा रहा है। जिसके माध्यम से अल्प आय वाले दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, व्यवसायिक क्षेत्र मे प्रशिक्षण, छोटे बच्चों मे शिक्षा का उत्साह भरने तथा वृद्धि विकास प्रदान करने जैसी योजनाओं का संचालन किया जाता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीके पाण्डेय ने बताया कि सेमिनार की सराहना करते हुए कि दिव्यांगों के लिए हमेशा मेरे दरवाजे खुले रहेंगे। उनकी सहायता के लिए मेरे द्वारा कभी भी दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत करने मे उदासीनता नही बरती जायेगी और निःशुल्क रूप से इनके स्वास्थ्य के लिए कार्य करने के बाद मुझे ऐसा अनुभव होगा कि मै दिव्यांगों की नहीं बल्कि ईश्वर की सेवा कर रहा हूं। इस आयोजन मे लगभग एक सैकड़ा दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत किये गये इनके साथ डा0 मनोज कौशिक हड्डी विशेषज्ञ, डा0 ओपी द्विवेदी एन0टी0 सर्जन, डा0 एआरमिश्रा आई सर्जन, अतुल वर्मा कनिष्ठ सहायक के रूप मे कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस मौके पर भाकियू नेता राजेन्द्र सिंह, सुरेश पटेल, कमल सिंह पटेल, यूनुस, कविता रस्तोगी, माधुरी साहू, नमिता सिंह, भावना श्रीवास्तव, प्रदीप राज श्रीवास्तव उर्फ दीपू, वैभव, चेतन, जितेन्द्र, जेबी सिंह आदि मौजूद रहे।

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