फतेहपुर, शमशाद खान । जिला कारागार मे थामे नही थम रहा है सजायाप्ता कैदियों के मरने का सिलसिला। आज सत्रह वर्षीय एक सजायाप्ता कैदी की लम्बी बीमारी के चलते मौत हो गयी। एक सप्ताह पूर्व एक और सजायाप्ता कैदी की मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार मलवां थानाक्षेत्र के मोहनखेड़ा गांव निवासी सिकन्दर को अदालत से तीन सौ सात के मुकदमे मे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी। जिला कारागार मे बंद सिकन्दर पिछले काफी समय से दमा की बीमारी से जूझ रहा था जिसकी आज जेल मे मौत हो गयी। घटना की सूचना मिलते ही जेल पुलिस उसको जीवित होने की शंका पर उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल ले गये जहां पर डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। मृत कैदी के शव को पुलिस ने कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसी प्रकार एक सप्ताह पूर्व भी जिला कारागार मे बंद सजायाप्ता कैदी की बीमरी के चलते मौत हो गयी थी। जिला कारागार मे बीमार कैदियों की मौतों का सिलसिला थम नही रहा है। बीमारी से मरने वाले कैदियों का या तो सही उपचार जिला करागार मे नही हो पाता है या फिर वह उम्र दराज होने के चलते मर जाते हैं। यह बात जिला कारागार प्रशासन के लिए पूरी तरह से पहेली बनी हुई है। इस सम्बन्ध मे जेल अधीक्षक से जब जानकारी चाही गयी तो उन्होंने बताया कि मृतक सिकन्दर पिछले काफी समय से दमा की बीमारी से गृसित था और उसका इलाज भी चल रहा था। लम्बी बीमारी के चलते आज उसकी मौत हो गयी है।

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