फतेहपुर, शमशाद खान । उत्तर प्रदेश में सम्पन्न हो रहीं हाईस्कूल व इण्टर की बोर्ड परीक्षा मंे धड़ल्ले से हो रही नकल की पृष्ठभूमि परीक्षा केन्द्र बनाने के समय ही तैयार हो गई थी क्योंकि उस समय परीक्षा केन्द्र बेचे व खरीदे गये थे। उड़नदस्ते ऐसे केन्द्रों मंे जाते ही नहीं हैं। केवल उन्ही केन्द्रों मंे उड़नदस्ते जाते हैं जहां केन्द्र स्थापना के समय लेन देन नहीं हुआ है। ऐसे परीक्षा केन्द्रों में अधिकतर सवित्त विद्यालय हैं। उक्त बात उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश संरक्षक एवं इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र के विधायक डा0 यज्ञदत्त शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
उनका कहना रहा कि ऊपर उल्लिखित स्थिति पूरे प्रदेश की है। डा0 शर्मा का यह भी कहना रहा कि जब तक केन्द्रों मंे एक होमगार्ड रहेगा और शिक्षकों को वाह्य सुरक्षा नहीं मिलेगी शिक्षकगण नकल रोकने में सफल नहीं होंगे। नकल रोकने के लिये पूरी व्यवस्था मंे परिवर्तन की जरूरत है और केन्द्र स्थापना के समय से नकल की रोक के सम्बन्ध में ध्यान देना होगा तभी नकल की महामारी से निजात पाया जा सकता है। डा0 शर्मा का यह भी कहना रहा कि नकल के कारण मेधावी छात्रांे का अहित होता है जो अन्यायपूर्ण है। इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह व स्नातक विद्यायक प्रतिनिधि एवं पत्रकार शैलेन्द्र शरन सिम्पल आदि रहे।

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