फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद के लोगो को हमेशा चिटफन्ड कम्पनिया अपना शिकार बनाकर उपभोक्तााओ से करोडो रूपये की ठगी करके रफ्फू चक्कर हो जाते है लेकिन प्रशासन समय रहते ऐसे फर्जी कम्पनियो पर कोई कार्रवाई नही करती। जिसका कारण जनपद के गरीब, किसान, मजदूर, व बेरोजगार युवा ऐसे फर्जी कम्पनी के नटवरलालो के झासे में फसकर अपनी जीवन भर की कमाई को दाव में लगा देते है। जिसके बाद ठगी के शिकार उपभोक्ता या तो आत्महत्या करने के लिये मजबूर हो जाता है या फिर प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते दिन गुजार देता है और ऐसी कम्पनियां लोगो को कम समय पर गरीबो को करोडपति बनाने का सपना दिखाकर रफ्फू चक्कर हो जाती है। अब तक ऐसी आधा दर्जन से अधिक चिटफन्ड कम्पनियो का शिकार जनपद की भोली-भाली जनता हो चुकी है एक साल पूर्व जिले के खागा तहसील के खजुरिहापुर गावं में भी गौशाला सस्थान के नाम पर एक नटवरलाल ने जिले भर के लोगो को चन्द दिनो मे करोडपति बनाने का सपना दिखाकर कई करोड रूपये गरीब जनता का लूटकर फरार हो गयी। जिसके बाद प्रशासन जागा और जनता का पैसा लूटने वाले कम्पनी के संचालक राजेश मौर्या समेत अन्य एजेन्टो पर मुकदमा पंजीकृत कराया। लेकिन जनता का पैसा लूटने वाले लोग अभी भी प्रशासन की पकड से दूर है। सवाल यह उठता है कि जब इस तरह की चिटफन्ड कम्पनियो का संचालन जिलो में अलग-अलग स्थानो पर होता है तो प्रशासन उन पर अपनी निगाह क्यो नही दौडाता और ऐसे लोगो पर कार्रवाई समय रहते क्यो नही कर पाता। आखिर कब तक भोली-भाली जनता ऐसे नटवरलालो के ठगी का शिकार होते रहेगे। इन सूत्रो की माने तो इन दिनो शहर क्षेत्र के वीआईपी रोड ताबेश्वर मन्दिर जाने वाले मार्ग पर सूर्यकमल ग्रुप आॅफ निधि व म्यूचुवल कम्पनी के संचालक अपने गोरख धन्धो से उपभोक्ताओ से करोडो रूपये की ठगी का शिकार बनाया है। इतना ही नही कम्पनी के संचालक व कम्पनी के डायरेक्टर उपभोक्ताओ को दिन में तारे दिखाकर अपने जाल में फसाकर ठगी का शिकार सैकडो उपभोक्ताओ को बना चुके है। तथा उपभोक्ताओ द्वारा भुगतान किये जाने का दबाव बनाये जाने पर चेक काटकर दे देते है जो उपभोक्ताओ द्वारा बैक में लगाये जाने पर वह चेक बाउन्स हो जाती हैं सूत्रो का यह भी कहना है कि वीआईपी रोड स्थिति मुख्य शाखा ने कम्पनी का बोर्ड हटाकर उपभोक्ताओ को गुमराह करने के लिये कौशल विकास योजना का बोर्ड लगा रखा है बताया जाता है कि कम्पनी के संचालक नटवरलाल ने अपनी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन अपनी पत्नी के नाम पर कराया है किन्तु उपभोक्ताओ को दिये जाने वाले बान्ड पर हस्ताक्षर स्वंय बनाकर देता है। सैकडो लोगो को अपनी ठगी का शिकार बनाने के बाद कम्पनी के संचालक ने अब कम्पनी का पूरा कारोबार कम्पनी के डायरेक्टर यानि की दूसरे नटवरलाल को दे रखी है जो कि उपभोक्ताओ को गुमराह करने का काम इस डायरेक्टर द्वारा किया जाता है। इतना ही नही इस कम्पनी का फर्जीवाडा जनपद के अलावा रायबरेली जनपद के लालगंज व हमीरपुर जैसे जनपदो मे फैला रखा है वहा भी लोगो से करोडो रूपये जमा कराकर ठगी का शिकार बनाया और अब जिन लोगो की मैचोर्टी पूरी हो गयी है वह उपभोक्ता कम्पनी के ब्रान्चो में चक्कर काट रहे है। लेकिन कम्पनी के संचालक ब्रान्च से नदारत रहते है और डायरेक्टर उपभोक्ताओ को तारीख पर तारीख देने के बाद उन्हे ऐसी चेक थमा देते है जिस एकाउन्ट में पैसा ही नही रहता है और वह चेक बाउन्स हो जाती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के आड मे भी बडे पैमाने पर गलत कार्य किया जा रहा है यदि प्रशासन इसकी जांच कर ले तो कम्पनी समेत अन्य गोरखधन्धे का पर्दाफास हो सकता है। सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस तरह की चिटफन्ड कम्पनियो पर समय रहते कोई कार्रवाई क्यो नही करता। जब इस मामले पर जिलाधिकारी से वार्ता की गयी तो उनका कहना रहा कि ऐसी कम्पनियों की जांच कराने के लिये शीघ्र ही टीम गठित की जायेगी और किसी भी हाल में जनपद की भोली-भाली जनता को चिटफन्ड कम्पनियो के संचालको के जाल में फसने से रोका जायेगा और ऐसे कम्पनी के लोगो पर कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।
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