फतेहपुर, शमशाद खान । होलिका दहन की रात एक मासूम बच्ची का पुआल में धू-धू कर जलता हुआ शव पुलिस के लिये मुसीबज खड़ी कर दिया है। होली की पूर्णिमा के दिन तांत्रिक सिद्धि के लिये होने वाले तंत्र-मंत्र या फिर किसी बहसी दरिन्दे की बुरी नजर आखिर क्या है 6 वर्षीय अबोध की मौत का रहस्य। सांयकाल 6 बजे के करीब घर से लापता होने परिजनों की खोजबीन में कहीं भी पता नहीं चलने और पुलिस एवं डायल 100 की तत्काल दी गयी सूचना के बाद भी मौके में देर से पहुंचने की वजह को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। असोथर थाना क्षेत्र के विधातीपुर गांव की इस घटना ने थाना पुलिस की भूमिका को कठघरे में खड़ा कर दिया है। घटना पर थानाध्यक्ष का यह कह कर बात को टाल देना कि मुकदमा एससी/एसटी के तहत थाना में लिखा गया है, लेकिन विवेचना सिओ थरियांव कर रहे हैं, इसलिये वही मामले पर कुछ बता सकते हैं।
घटना असोथर थाना क्षेत्र के विधातीपुर गांव की है। होलिका दहन का दिन था। शाम के 6 बज रहे थे। विधातीपुर निवासी धर्मेन्द्र पासवान की 6 वर्षीय बच्ची दरवाजे खेल रही थी। वह कब लापता हो गयी, परिजन नहीं समझ पाये। साढ़े 6 बजे के लगभग जब बच्ची नहीं दिखायी दी तो परिजनो ने आसपास खोजबीन शुरू किया। गांव के बाहर भी खोजा, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। परिजनो ने अबोध बेटी के लापता होने की सूचना थाना पुलिस को देने के साथ ही डायल 100 को भी दी, लेकिन सूचना के बाद भी कोई नहीं पहुंच सका। बतातें हैं कि इस बीच करीब रात्रि 11 बजे किसी ग्रामीण की नजर गांव के किनारे रखे पुआल पर पड़ी, जहंा बच्ची धू-धू कर जल रही थी। यह बात उसने गांव में बतायी तो पलक झपकते होली की खुशियां काफूर हो गयीं। परिजनों समेत ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी। परिजनो का करूण क्रन्दन रात्रि के सन्नाटा को तोड़ता रहा। फिर किसी ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची जल कर खाक हो चुकी थी। उसके शरीर का कुछ कंकाल अवशेष था। पुलिस ने बच्ची का कंकाल कब्जे में लिया और उसका पीएम कराया।
परिजनों और ग्रामीणों की चर्चाओं पर गौर करें तो किसी ने तांत्रिक सिद्धि के लिये अबोध बच्ची की बलि देने के बाद उसका पुआल में जला दिया। फिलहाल पुलिस इस बात पर बहुत भरोसा नहीं कर रही है। थानाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तो इस मामले को पूरी तरह से यह कहते हुये टाल जाते हैं कि विवेचना सीओ साहब कर रहे हैं, इस प्रकरण पर वह ही कुछ बता सकते हैं, क्योकि मुकदमा एससी/एसटी का है। पुलिस कप्तान कहते हैं कि जांच में सभी बिंदु शामिल हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल जायेगा। फिलहाल पुलिस ने गांव के तीन युवकों के हिरासत में लिया है, जिनसे लगातार पूछतांछ चल रही है।

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