फतेहपुर, शमशाद खान । मुख्यालय से चारो ओर की ऊबड़ खाबड़ सड़कों पर ओवर लोडिंग करके दौड़ने वाले टैम्पो, मैजिक तथा विक्रम इस कदर फर्राटे से वाहन दौड़ाते हैं कि देखने वाले हैरत मे पड़ जाते हैं। मुख्यालय से कस्बो तक का सफर तय करने वालो वाहन जिस तरह भूसे की तरह सवारियों भर कर चलते हैं अगर रास्ते में कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसका जवाब न चालक के पास है न पुलिस के पास है। मुख्यालय से मलवां, हस्वा, शाह, गाजीपुर, भिटौरा, हुसेगंज कस्बों के लिये चलने वाले वाहन ऊपर नीचे अगल बगल भर कर दौड़ने वाले इस वाहनों से अक्सर दुर्घटनाये होती रहती है। इन मार्गो पर पड़ने वाले थाना चैकियों की मुस्तैद पुलिस सब कुछ देखती रहती है और बिना परमिट व कागजातों के यह वाहन धड़ल्ले से डग्गामारी करते रहते है। इन डग्गामार वाहनों के चालकों व मालिकों का कहना है कि पुलिस क्या करेगी और क्यों बोले भी पुलिस को हर माह माहवारी दी जाती है। और हर थाने में एक गाड़ी बेगार के लिये दी जाती है। टैम्पों, विक्रम, मैजिक रोड में चाहे जैसे भागें चाहे जो करें पुलिस की तरफ से इन्हे पूरी छूट है। यही वजह है कि कबाड़े में बेचे जाने वाले विक्रम मैजिक तीस से चालिस सवारियों भर कर फर्राटे से डेक डिब्बा बजाते हुये सड़कों पर दौड़ते है। आश्चर्य की बात है कि अन्य दिन दुर्घटना ग्रस्त होने वाले इन टैम्पो, विक्रम के पलटने के समाचार अखबारों की सुर्खियां बनते है तमाम जाने जाती है लोग अपंग होते है लेकिन अपने थोड़े से स्वार्थ के लिये पुलिस इनके कारनामों पर अंकुश नहीं लगाती। जिससे इनके होसले बुलद है और यह खुल कर जन जीवन से खिलवाड़ कर रहे है।
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