फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद मे सहायक सम्भागीह परिवहन कार्यालय मे व्याप्त भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम ही नही ले रहा है। वैसे तो यह मामला इस विभाग के लिए कोई नई बात नही है किन्तु जबसे नये एआरटीओ आये हैं तब से भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। वाहन स्वामी अथवा चालक यदि अपना काम सीधे कराना चाहता है तो सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी और आरआई द्वारा इतने नियम कानून कायदे बता दिये जाते हैं कि उसको मजबूरी मे दलालों की शरण मे जाना पड़ता है। सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय के बाहर सजी दलालों की दुकानों के विभाग के अधिकारी पूरी तरह से मालामाल हो रहे हैं। जनपद का यह एक ऐसा कार्यालय है जहां पर हर सीट पर रिश्वत की तूती बोलती है और बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर कोई अंकुश नही लगा पा रहा है। जनपद के सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय मे कार्यरत सरकारी कर्मचारियों ने तो भ्रष्टाचार की हद पार कर दी है। बाबुओं ने अवैध वसूली के लिए कार्यालय के अन्दर अपने-अपने गुर्गे पाल रखे हैं जिनका काम रहता है दलालों को दलाली करना। भ्रष्टाचार का महासमुद्र कहे जाने वाले इस विभाग का कहना है कि ऐसा कोई सगा नही जिसको हमने ठगा नही। विभाग मे यदि कोई चाहे कि वह सीधे अधिकारी अथवा बाबू से मिल कर बिना रिश्वत दिये काम करा ले तो उसको इतने नियम कानून कायदे बता दिये जाते हैं कि उसकी सात पुस्त भी उतर आये तो भी उसका काम नही हो सकता है और उसी काम को यदि दलाल लेकर अधिकारी अथवा बाबू के पास चला जाता है तो सारे नियम कानून कायदे रिश्वत की रकम के सामने बौने शाबित हो जाते हैं। वैसे तो इस कार्यालय के लिए यह कोई नई परम्परा नही है किन्तु पहले की अपेक्षा वर्तमान समय मे हर सीट पर रेट बढ़ गये हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी इस विभाग मे न तो जिला प्रशासन की और नही शासन की नजर पड़ रही है।
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