फतेहपुर, शमशाद खान । भारत की शीर्ष अदालत ने मानवीय जिन्दगियों को सेहत के लिये खतरनाक तम्बाकू मिश्रित गुटके पर एक अर्शे पहले पूर्णरूप से रोक लगाने सम्बन्धित कानून तो पार कर इस जहर रूपी कारोबार पर रोक लगा दी थी लेकिन कुछ धन के लालची लोगों को मानव जीवन से खेलने में बड़ा आनन्द आता है। और वही लोग यह जहर रूपी तम्बाकू मिश्रित गुटके का कारोबार कानून के रखवालों की छत्रछाया में निबांध रूप से करते चले आ रहे है जैसे इन गुटका करोबारियों के लिये कानून नाम की कोई चीज ही नही है जब की सभी लोग जानते है कि तम्बाकू जान लेवा बीमारी कैन्सर की जननी है और यह कारोबारी भी यह बा खुबी जानते है फिर भी लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे है इसके सेवन से कैन्सर के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों भी फैल रही है इस कारोबार से जुड़े व्यापारी व लोगों की ऊची पहुच के चलते खाद्य निरिक्षक व जिम्मेदार अधिकारी भी बेबस नजर आ रहे है या फिर यह लोग इन अधिकारियों को भी अपने मकड़ जाल में लपेट रखा हैं इसलिये यह सब तुछ जानते हुये भी अनजान बने हुये है। और इस तरह लोगों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ में यह अधिकारियों से रोज सरकार को भी लाखों रूपये का चूना कर ना देकर लगा रहे है। अकेले बिन्दकी नगर में ही एक दर्जन से अधिक स्थानों में तम्बाकू मिश्रित गुटके के कारखाने संचालित है जिनमें जहानपुर, पैगम्बरपुर, महरहा रोड, लंकारोड, फाटकबाजार आदि स्थानों में इस जहर की पैकिंग का काम किया जाता है। और रात में ही मोटर साईकिल व लग्जरी गाड़ियों मे ंभर कर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों व दुकानो मे ंभेज दिया जाता है नगर ते अलावा इसका करोबार जाफरगंज, अमौली, जहानाबाद, बकेवर, खजुहा, जोनिहा, सहित सभी कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों की बाचारो में यह जहर रूपी तम्बाकू मिश्रित गुटका आसानी से मिल जाता है जहाॅ से ग्रामीण क्षेत्रों के खुदरा दुकान दार खरीद कर गाॅवों में यह गुटका बेचने ता कार्य करते है। गाॅवों की दुकानों में सेल्समैन के रूप में कार्य करते है। जो साईकिल व मोटर साईकिल मे ंलाद कर यह गुटका गाॅवों की दुकानो तक पहुचा देते है। इन तरह इस जहरीले कारोबार की जड़े बड़ी मजबूती के साथ नगर कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में जमी हुई है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस तरफनजर उठा कर भी नही देखते है। जब की अमौली में पड़ोसी जनपद हमीरपुर के भरूवा कस्बे से यह गुटका मंगा कर जाफर गंज व अमौली में बेचा जा रहा है। जिसका गोदाम भी अमौली में घरों पर रख कर दुकानदारों को चुपचाप दिया जाता है और इस गुटके के कारोबारी इतने सातिर है कि हर हप्ते नाम बदल कर इस जहर को जनता में परोस रहे है और इसके बनाने वाले रात दिन खुलेआम मशीने चलवा तर इयकी पैकिंग तरवाते रहते है जब की तम्बाकू के नाम से इस गुटके में सदाबहार व नीम आम व अन्य पेड़ों की सूची पत्तियों का इस्तेमाल कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं चर्चा तो यहाॅ तक है कि यह कारोबार जाफर गंज क्षेत्र में भी धल्लड़े से चालू है और यमुनातटवती गाॅवों में सूनसान मकानों व टियूबबेलों में यह गुटका बनाने का काम किया जा रहा है। जिससे जाफर गंज के अलावा अमौली के दो मशहूर करोबारियों का हाथ है। और यही लोग अपनी गाड़ियों से इस गुटके को गाॅवों की थोक व फुटकर दुकानों में पहुचाते है अमौली के अलावा इनके एजेन्ट देवरी डिघरूवा, दपसौरा, बकेवर, सहित दर्जनों गाॅवों में सक्रिय है और एक दो बार इन एजेन्टो के खिलाफकारवाई भी की लेकिन जब इन लोगों ने पुलिस व अधिकारियों की साॅठ गाॅठ से फिर से अपना वही पेशा शुरू कर दिया जिससे नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस व सम्बन्धित अधिकारियों की इस कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण देने सम्बन्धी चर्चाये क्षेत्र में आम बात है और गणमान्य लोगो ंव समाज के प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि इस कारोबार का रूकना एक दिवास्वप्न जैसा ही है क्यूकि यह धन के लालची तम्बाकू मिश्रित गुटके के कारोबारियों को किसी जान की नही बल्कि धन की लोलुपता ही इनको इस समाज व कानून विरोधी कार्य के उकसाती है और ऐसे कार्य करने वाला कानून और समाज दोनों का कार्य करते है अगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इमानदारी से पालन करवाया जाये तो यह जहर रूपी कारोबार पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।
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