फतेहपुर, शमशाद खान। शहर मे स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते मेडिकल स्टोरो और पाली क्लीनिक मे अप्रशिक्षित डाक्टरों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है। शहर के कई प्राइवेट अस्पतालों मे गलत इलाज के चलते कई मरीजों को अपनी जान भी गवानी पड़ चुकी है किन्तु उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी अपनी आंखे बंद किये हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग शायद अभी और मौतों का इंतजार कर रहा है। शहर सीमा के आसपास कई ऐसे प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहे हैं जिनका लेखा जोखा स्वास्थ्य विभाग के पास भी नही है और वह बेखौफ होकर गांव देहात के आने वाले मरीजों का शोषण कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग के आला अफशर पूरी तरह से मौन धारण किये हुए हैं।
शहर की सीमा से लगे हुए हाइवे पर भी एक ऐसा ही प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहा है जिसमें प्रशिक्षित एक भी डाक्टर नही है तथा इस अस्पताल मे पाली क्लीनिक का बोर्ड लगा हुआ है किन्तु मरीजों के उपचार के लिए कई बेड पड़े हुए है और अप्रशिक्षित डाक्टर द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है। बताया जाता है कि इस अस्पताल के संचालक योगेन्द्र कुमार ने अपने अस्पताल मे डा0 आशोक मिश्रा एमबीबीएस, डा0 फिरोज अहमद बीएएमएस, डा0 सर्वेश सिंह फिजीशियन, डा0 मान सिंह फिजीशियन, डा0 मधु कटियार जीएनएम का बोर्ड मे नाम लिखा हुआ है किन्तु उपरोक्त कोई डाक्टर इस अस्पताल मे इलाज करने के लिए नही आते हैं। बताया जाता है कि पाली क्लीनिक एण्ड मेडिकल सेन्टर का संचालक स्वयं मरीजों का इलाज करता है जबकि उसक पास डाक्टर का किसी प्रकार का प्रमाण पत्र नही है। मालूम रहे कि शहर के कई प्राइवेट अस्पतालों मे अप्रशिक्षित डाक्टरों द्वारा गलत इलाज किये जाने से कई मरीजों की मौत हो चुकी है। इतना सबकुछ होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों की कुंभकर्णी नींद नही टूट रही है। शायद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी और मौतों का इंतजार कर रहे हैं।

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