फतेहपुर, शमशाद खान । शादीपुर रेलवे क्रासिंग पर जहां ट्रेनों की चपेट में आकर लोग घायल होते रहते है। वहीं इस क्रासिंग पर कुछ राहगीरों की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी राहगीर क्रासिंग बंद होने पर इधर से उधर आने-जाने जोखिम में डालते रहते है। पैदल राहगीरों की तो कोई बात नहीं लेकिन टू व्हीलर वाहन सवार भी बंद क्रासिंग वाहन पर चढ़े-चढ़े ही क्रास करते है। तीन रेवले क्रासिंग शादीपुर रेलवे क्रासिंग ही बची है। हरिहरगंज रेवले क्रासिंग पर निर्माण कार्य जारी होने के कारण शादीपुर रेलवे क्रासिंग से आवागमन बढ़ गया है। इससे प्रतिदिन जाम की स्थिति भी बनी रहती हैं वहीं आवागमन बढ़ गया है। इससे प्रतिदिन जाम की स्थिति भी बनी रहती है। वहीं आवागमन बढ़ जाने एवं शीघ्र इधर से उधर आने जाने में कुछ राहगीर चुटहिल भी होते रहते है। यह चुटहिल होने वाले वह लोग रहते है। जो बंद क्रासिंग के बावजूद क्रासिंग पार करने में कोई हिचक नहीं महसूस करते। इससे ऐसा लगता हैं जैसे उन्हे अपनी जिन्दगी से मोह नहीं है। पैदल राहगीरों के साथ-साथ बंद क्रासिंग में दोपहिया वाहन चालक, साइकिल चालक, रिक्शा चालक आदि पार करते रहते है।
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