फतेहपुर, शमशाद खान । सड़कें वाहनों की धमाचैकड़ी के लिए जानी जाती है किंतु यहां ऐसा नहीं है। इन सड़कों पर सिर्फ वाहन ही धमाचैकड़ी नहीं करते बल्कि आवारा पशु भी अपने अंदाज में धमाल मचाते नजर आ रहे है। इनका धमाल भी कोई ऐसा-वैसा नहीं बल्कि दुर्घटना का सबब बन रहा है। यह सब जानने-समझने के बावजूद नगर पालिका का कैटिल दस्ता इनकी आवारगी से छुटकारा दिलाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। शहर का नाता यूं तो कई तरह की समस्याओं से गहरा ताल्लूक रखता है। लेकिन यहां जिस समस्या की बात की जा रही है। वह भी किसी मामले में उक्त समस्याओं से कमजोर नहीं दिख रही है। सड़कों पर अव्यवस्थित होने वाले यातायात के पीछे जो कारण उभर कर सामने आ रहे हैं उनमें आवार पशुओं का बड़ा रोल है। ऐसी कोई सड़क इनसे अछूती नहीं जिस पर इनका बोलबाला नजर न आ रहा हो। झुंड जब यह निकलते है तो यातायात न सिर्फ ठहर कर रह जाता है बल्कि इसमें दुर्घटना का अंदेशा भी बढ़ जाता है। जैसा कि कई बार देखने को भी मिल चुका है। ज्वालागंज चैराहा क्षेत्र अर्से से इस समस्या से दो-चार हो रहा है। सुबह से शाम तक पशुओं की धमाचैकड़ी बरकरार रहती है। यही स्थिति आईटीआई रोड़ की सालती हैं आवारा पशु राहगीरों व दो पहिया सवारों पर ऐसा टूटते है कि कभी-कभार इनको अस्पताल की राह देखनी पड़ती है। ये खास बात यह है कि नगर पालिका का कैटिल दस्ता भी इनकी आंवारणी को नहीं रोक पा रहा है। आए दिन शहर में जाम की स्थितियां पैदा हो रही है।
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