फतेहपुर, शमशाद खान । मौसम का मिजाज जैसे-जैसे गर्म होता जा रहा है वैसे-वैसे पानी की समस्या को लेकर भी लोगो में चिन्ता बढती जा रही है सरकारी हैण्डपम्पो की दुर्दशा किसी से छिपी नही है आधे से अधिक हैण्डपम्प रिबोर, छोटी-छोटी गडबडी के चलते बेकार है तीनो तहसीलो की यही दशा है जिम्मेदार जल निगम की कवायद फिलहाल अभी ठण्डी है समय रहते यदि ठूठ बने हैण्डपम्पो को ठीक न कराया गया तो समस्या और भी विकराल हो सकती है इन बिगडे हैण्डपम्पो केा ठीक कराने में जनप्रतिनिधियो की उदासीनता भी व्यवस्था में बाधक है।
बिन्दकी एंव खागा तहसील परिसर सहित क्षेत्र के ग्रामीण अंचलो में बिगडे पडे सरकारी हैण्डपम्पो को ठीक कराने की सुधि नही ली गयी तो गर्मी के दिनो में लोगो को पेयजल की समस्या से जूझना पड सकता है ग्रामीण इलाको केा मिलाकर आधा सैकडा के लगभग स्थानो पर लगे इण्डिया मार्का हैण्डपम्प पानी नही उगल रहे है। सदर तहसील के भी आधा सैकडा से अधिक गावो में पानी की समस्या हर वर्ष लोगो के लिये जी का जंजाल बनती है इसके बावजूद जल निकग के कानो में जू तक नही रेगती है कही बजट का रोना तो कही संसाधन न होने की बात कह विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी बचते नजर आते है विभागीय अधिकारियो के द्वारा बरती जा रही लापरवाही व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता के चलते स्थानीय तहसील परिसर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग ग्रामो में लगे सरकारी हैण्डपम्प देख रेख के घोर अभाव के कारण पानी उगलना बन्द कर दिये है इनके ठीक कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नही उठाया गया तो गर्मी के दिनों ग्रामीण अंचलो मे ंजहा पानी कि किल्लत पैदा हो जायेगी। वही यहा के बाशिन्दो को एक बार फिर से शुद्ध पेयजल की समस्या से दो चार होना पडेगा। पूर्व के वर्षो में गर्मी का दिमाग खराब होते ही लोगो की पीने के पानी की दिक्कतो का बेहद परेशानी का सामना करना पडा था। खागा संवाददाता के अनुसार पीने के पानी को लेकर संर्वाधिक परेशानियांे का सामना यमुना किनारे स्थिति गांवो के बाशिन्दो को करना पडता है गर्मी के दिनो के अलावा भी क्षेत्र के ग्रामीणो को यमुना नदी का पानी पीना पडता है इस इलाके मे लगे ज्यादातर हैण्डपम्प या तो बिगडे पडे है या फिर बोरिंग के चलते पानी फेकना बन्द कर चुके है। जिनकी तरफ न तो विभागीय अधिकारियों की नजर जा रही है न ही इन्हे ठीक कराने के लिये क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि कोई कदम उठा रहे है। यमुना क्षेत्र के ग्राम रायपुर भसरौल, गढा, मनीपुर, सेमरिया, एकडला, अहमदगंज तिहार, मठेठा, पहाडपुर, गुरवल आदि ऐसे तमाम गांव है जहा पर अभी से पीने के पानी की समस्या बनी है इस इलाके के अधिकांश कुऐ भी देख-रेख व मरम्मत के अभाव के चलते धराशायी हो चुके है जिसकी वजह मानव के साथ-साथ पशुओ के समक्ष भी पीने के पानी का संकट पहाड बनकर खडा हुआ है।

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