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Thursday, 16 March 2017

मायावती की नीतियों से आहत होकर सैकडो कार्यकर्ताओ ने दिया इस्तीफा

फतेहपुर, शमशाद खान । लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव मे बहुजन समाज पार्टी को मिली करारी हार के बाद मायावती की नीतियो से आहत होकर आज बसपा के सक्रीय कार्यकर्ताओं ने बडी संख्या मंे अपना इस्तीफा देकर पार्टी से हमेशा के लिये बाय-बाय करते हुये कहा कि हार का कारण ईवीएम नही मायावती की गलत नीतिया है जिसके चलते जनता ने चुनाव में करारा जवाब दिया है।  
गुरूवार को सादीपुर चैराहा स्थिति एक रेस्टोरेन्ट में पत्रकारो से बातचीत करते हुये बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला महासचिव डा0 ज्ञानेन्द्र सचान ज्ञानू ने कहा कि वह अपनी राजनैतिक शुरूआत 1991 से बसपा से शुरू की थी जो अनवरत पार्टी के लिये कार्य करते रहे। लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती के नीतियो से क्षुब्ध होकर मण्डल कोर्डिनेटर डा0 गोविन्दराज प्रजापति, पूर्व लोकसभा प्रभारी सुशील सिंह चन्देल समेत एक सैकडा से अधिक कार्यकर्ताओ के साथ अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया है उन्होने कहा कि 2009 के लोकसभा के हार के बाद 2012 विधानसभा एवं 2014 के लोकसभा के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदार मायावती खुद है लेकिन वह कभी भी हार की जिम्मेदारी खुद न लेकर कार्यकर्ताओ पर डालती है। उन्होने कहा कि विधानसभा चुनाव में उनकी नीतियो के कारण जनता ने बसपा को नकारने का काम किया है और जब जनता ने उन्हे पूरी तरह से नकार दिया है तो अब वह ईवीएम की गडबडी को लेकर सवाल उठा रही है जो लोकतंत्र के साथ खिलवाड किया जा रहा है उन्होने कहा कि बसपा सुप्रीमो ने अपनी नाकामियो को छिपाने के लिये ईवीएम की गडबडी की बात कहकर काला दिवस मनाने का काम करने जा रही है। लेकिन चुनाव में मिली हार के बाद कभी भी जन समस्याओ को लेकर कोई काला दिवस मनाने का कार्य नही किया गया  है। यदि आम जनता की समस्याओ को लेेकर बसपा सडको पर उतरकर आन्दोलन करती तो शायद आज जनता चुनाव में इस तरह से बसपा को नकारती नही। श्री सचान ने कहा कि आज बडी संख्या में उनके साथ बसपा की प्राथमिक सदस्यता से एंव पद से त्यागपत्र दे रहे है। इस मौके पर आरती प्रजापति, योगेन्द्र कुमार, प्रभाकर गौतम, प्रेमकुमार आदि रहे। 

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