फतेहपुर, शमशाद खान । जिले का सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय मे बोल रही है भ्रष्टाचार की तूती। इस कार्यालय का आलम यह है कि हर सीट पर पैसा बोलता है। बिना रिश्वत के कोई काम सम्भव नही है। हर काम का दाम पूरी तरह से तय है। पहले की अपेक्षा वर्तमान समय मे काम का दाम दो गुना कर दिया गया है। सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय का कल अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल ने औचक निरीक्षण किया था और अधिकारियों को राजस्व वसूली मे बढ़ोत्तरी किये जाने के निर्देश दिये थे और कमियां पाये जाने पर कड़ी फटकार भी लगायी थी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि किसी व्यक्ति के ऊपर दलाल यदि दबाव बनाकर काम करवाता है तो उसके खिलाफ विभाग मुकदमा कायम करवाये किन्तु शायद उनको यह पता नही है कि जिसके यहां वह भोजन कर रहे हैं वह इस कार्यालय का सबसे बड़ा दलाल है।
सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय के सूबे का कहना है कि बड़े वाहनों के लाइसेन्स देने के नाम पर प्रमाण जारी किया जाता है जिसकी जिम्मेदारी विभाग के अधिकारियों ने एक दलाल को दे रखी है और वह प्रमाणपत्र देने के नाम पर पैतालिस सौ रूपया लेता है। यदि कोई उपभोक्ता पैतालिस सौ रूपये दिये जाने के बाद उसकी रसीद मांगता है तो उसको यह कहकर टाल दिया जाता है कि यह पैसा सीधे अधिकारियों के पास जाता है। बताया जाता है कि परमानेन्ट लाइसेन्स के नाम पर विभाग मे पहले पांच सौ रूपये की अवैध वूसली की जाती थी किन्तु पिछले दो माह पूर्व से इस काम का दाम बढ़ाकर एक हजार रूपये कर दिया गया है। इतना ही नही पिछले एक सप्ताह से फिटनेस के नाम पर मेडिकल किट देना अनिवार्य कर दिया गया है जिसकी कीमत ढाई सौ रूपया निर्धारित की गयी है। सूत्रों का कहना है कि जो मेडिकल किट दी जाती है उसकी अधिकतम कीमत पचास रूपया से अधिक नही है किन्तु उसके नाम पर ढाई सौ रूपया लिया जाता है।

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