फतेहपुर, शमशाद खान । मार्च माह के शुरूआत होते ही गर्मी के कारण पेयजल की समस्या ने मुंह खोलना शुरू कर दिया है। शहर हो या ग्रामीणांचल कहीं बिजली की समस्या तो कहीं हैण्डपम्प खराब होने की समस्या को लेकर लोग इधर उधर भटकने को मजबूर दिख रहे है। खासकर ग्रामीण इलाकों की पेयजल समस्या को लेकर लोग इधर उधर भटकने की मजबूर दिख रहे है। खासकर ग्रामीण इलाकों की पेयजल समस्या को लेकर जहां प्रशासन एक ओर अनभिज्ञ बना हुआ है। वहीं जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा ग्रामीणों पर भारी पड़ रहा है यदि समय रहते पेयजल समस्या पर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले भीषण गर्मी के दिनों मे ंपेयजल समस्या और गंभीर हो जाएगी। जानकारी के अनुसार खजुहा, अमौली, देवमई एवं मलवां ब्लाक के लगभग एक सैकड़ा गांव ऐसे है जहां मई-जून की भीषण गर्मी में सरकारी हैण्डपम्प तो धोखा दे ही देते है। साथ ही कुंए का पानी या तो सूख जाता है या फिर इतना नीचे चला जाता है। कि लोगों को पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। शासन की ओर से पेयजल समस्या से निपटने के लिए एवं बोरिंग के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रूपये विभाग के पास आता तो है परंतु विभागीय उदासीनता व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते जहां पेयजल की समस्या है। यमुना कटरी क्षेत्र एवं गंगा कटरी क्षेत्र के ऐसे सैकड़ों गांव मौजूद है। जहां पर पेयजल समस्या का समाधान मात्र कुंओं द्वारा ही हो रहा है। इन क्षेत्रों मे ंप्रतिवर्ष गर्मी के शुरूआती दौर में ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है।
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