फतेहपुर, शमशाद खान । एक के बाद एक बिजली विभाग के अफसरों पर हुए हमले से कर्मचारियों मे आक्रोश नजर आ रहा है। हमलावरों की गिरफ्तारी पर बढ़ती जा रही हीलाहवाली को लेकर शनिवार को कर्मचारियों ने सभा का आयोजन किया जिसमे विद्युत विभाग के कई संगठनों ने अपनी महती भूमिका भी निभाई। सभा मे शामिल होने वाले कर्मचारियों ने कहा कि विद्युत विभाग के अफसर सहित कर्मचारियों पर हमले किये जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हमले मे आरोपी खुले आम हवा खा रहे हैं। पुलिस की ढीलाढाली से जहां कर्मचारियों मे भय व्याप्त है तो वहीं आक्रोश भी व्याप्त है। आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
अभियंता संघ, राज्य विद्युत परिषद, जूनियर इंजीनियर संगठन, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, विद्युत मजदूर पंचायत के बैनर तले एक सभा का आयोजन किया गया। सभा मे सम्मलित कर्मचारियों ने कहा कि बीते 16 जनवरी को विद्युत वितरण मण्डल के अधीक्षक अभियंता आरएन सिंह के ऊपर प्राणघातक हमला हुआ तो 20 फरवरी को खागा के अधिषासी अभियंता के उपखण्ड अधिकारी के अलावा अवर अभियंता पर कारपोरेशन के कार्य के दौरान मारपीट की घटना घटित हुयी। इस मारपीट मे सरकारी कार्य को बाधा पहुंचा। उक्त घटनाओं मे आरोपी सरेआम घूम रहे हैं। पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनकर पूरा तमाशा देख रहा है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कहीं न कहीं आरोपियों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस प्रशासन का सहयोग मिल रहा है। पुलिस विभाग की शिथिल कार्यवाही के चलते कर्मचारियों मे भय व्याप्त है और कहीं न कहीं आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सभा मे उक्त घटना को लेकर निर्णय लिया गया है कि अधिकारी व कर्मचारी कार्य का बहिष्कार तब तक करते रहेगें जब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल नहीं भेजा जायेगा। उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि कार्य बहिष्कार के चलते किसी प्रकार के व्यवधान के मामले पर पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। लगातार कर्मचारी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सभा के पूर्व भी संगठन की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा चुकी है। इस मौके पर राजपाल सिंह, आरएनसिंह, एनपी तिवारी, उमाकान्त अग्निहोत्री, दिलीप, अनिल, नितिन जायसवाल, अविनाश अग्रहरी, बशीर अहमद आदि रहे।

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