फतेहपुर, शमशाद खान । एक ओर जहां होली की खुशियां मनाने में लोग पूरी तरह से मस्त रहे। रंग-बिरेंगे रंगों मंे सराबोर अपने यार-दोस्तों के स्वागत में विभिन्न व्यंजन परोसे गये वहीं मेहमानों की विदाई के समय पान और मसाले का रिवाज निभाने के लिए लोगों ने होली के दिन उस मंहगाई का सामना किया शायद इससे पहले उन्हे इस तरह से पान-मसाले के दामों मंे मंहगाई न देखी होगी। होली के दो दिनों में पान-मसाला जमाखोरों ने एक मसाले की पाउच चार रूपये तक की बेंची है। इन मसालों में राजश्री, वाह, केशर जैसे आदि जर्दा मसाले शामिल रहे। वहीं प्रशासन के द्वारा होली पर्व में अंग्रेजी, देशी शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्देश रहा। लाख निर्देशन के बावजूद भी कुछ शराब माफिया अपने कर्मचारियों के माध्यम से चोरी-छिपे निर्धारित दामों से दुगने दाम पर शराब बेंचने का काम चलता रहा। शराब माफियाओं के एजेंट शराब शौकीनों तक शराब पहुंचाने का काम किया है। दूध की भी किल्लत काफी हद तक नजर आयी। पचीस से लेकर अट्ठाइस रूपये लीटर के बीच बिकने वाला दूध इन दो दिनों में पैत्तीस से लेकर चालीस रूपये के बीच मंे बेंचा गया। पेट्रोल और डीजल की भी किल्लत बनी रही। बीते कल तो शहर के सभी पेट्रोल पम्पों पर वाहन चालकांे को पेट्रोल और डीजल नहीं उपलब्ध कराया गया। लेकिन वहीं डीजल और पेट्रोल कुछ गिने-चुने लोगों के माध्यम से बेंचा गया।
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