फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद मे पर्यावरण सन्तुलन बनाये रखने के लिए समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है किन्तु वन विभाग के अधिकारी वन माफियाओं के हांथ की कठपुतली बन कर हरे भरे वृक्ष का रिश्वत के दम पर कुल्हाड़ा चलाने का परमीशन दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी और गाजीपुर पुलिस की मिली भगत के चलते वन माफिया चुरियानी गांव के समीप विशालकाय हरे आम के वृक्ष पर खुले आम कुल्हाड़ा चटक रहे हैं और दोनों विभाग पूरी तरह से मौन धारण किये हुए हैं।
जानकारी के अनुसार गाजीपुर थानाक्षेत्र के चुरियानी गांव के समीप पिछले कई दिनांे से वन माफिया द्वारा हरे आम के वृक्षों की खुले आम कटान करायी जा रही है। इस रास्ते से वनविभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा थानाध्यक्ष गाजीपुर तथा हल्के का दरोगा और सिपाही सुबह से शाम तक घूमते रहते है किन्तु किसी की नजर हरे वृक्षों की कटान पर नही पड़ रही है। हरे वृक्षों की कटान करवा रहे वन माफिया के गुर्गो से जन लोगों ने पूंछा कि हरे आम के वृक्ष को क्यों कटवा रहे हो तो माफिया के गुर्गों ने जवाब दिया कि वन विभाग ने विशालकाय हरे आम के पेड़ों को काटने का परमीशन दे रखा है। हरे पेड़ों की कटान पर वन माफिया हरे पेड़ की जगह सूखा पेड़ दर्शाते हैं और विभाग बिना मौके पर जांच कराये रिश्वत के दम पर आंख बंद करके परमीशन जारी कर देता है। हरे पेड़ों की कटान मे वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से मालामाल हो रहे हैं वहीं इलाका पुलिस भी रिश्वत के खेल मे पीछे नही रहती है। बहरहाल कुछ भी हो जब दोनों विभाग अपने वसूलों से भटक गये हैं तो वन माफियाओं के ऊपर अंकुश कौन लगायेगा।

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