फतेहपुर, शमशाद खान । मौसम परिवर्तन के साथ ही वायरसजनित बीमारियों का हमला भी तेज हो गया है। गैस्ट्रोइंटाइटिस वायरल फीवर एवं मलेरिया के मरीज रोजना जिला अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं जिला अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गयी हैं वहीं सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में तैनात चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही हैं चुनावी माहौल का चिकित्सक जमकर फायदा उठा रहे है। मौसम के उतार चढ़ाव के साथ संक्रामक बीमारियों ने भी पैर पसारने शुरू कर दिये है। जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या का यह आलम है कि एक पखवारे पूर्व तक जहां 6 सौ की ओपीडी हो रही थी। वहीं अब वह संख्या बढ़कर 8 सौ में ऊपर पहुंच गयी है। दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या चिन्ता का विषय हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो में भी मरीजों की भीड़ जुट रही है। बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं होने के कारण मरीजों को समूचित को प्राइवेट नर्सिगहोमों की तरफ जाना मजबूरी बना है। ब्लाक स्तरीय 13 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ आधा दर्जन से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं नवीन व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा का दंश ग्रामीण मरीज झेल रहे है। समय से डाक्टर के न आने एवं इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है परन्तु इस बाबत स्वास्थ्य विभाग तनिक भी गंभीर नहीं है।
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