फतेहपुर, शमशाद खान । बहुजन समाजवादी के पक्ष मे मतदान करने वाली दिल्ली जामा मस्जिद शाही इमाम मौलाना बुखारी की अपील को मुसलमानांे को वरगलाने वाली बात करार देने वाली प्रदेश सरकार के मंत्री व सपा के स्टार प्रचारक आजम खान ने मौलाना ने जमकर बखिया उधेडी। कहा कि अस्ल मे मौलाना का यह बयान बीएसपी के लिए नहीं बल्कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने वाला है क्योकिं इस पार्टी से उन्हें इस बयान के बावत भारी रकम मिली है। दावा किया कि मुसलमान एक समझदार कौंम है तथा अपने निर्णय लेने के लिए हमे एजेंटों के फतवों की जरूरत नहीं है।
पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन मे शहर के मुस्लिम इण्टर कालेज मैदान मे आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए आजम खान ने न सिर्फ शाही इमाम को आड़े हांथो लिया बल्कि बहुजन समाज पार्टी व भारतीय जनता पार्टी पर भी करारे हमले किये। उन्होंने कहा कि आज बसपा सुप्रीमों भले ही मुसलमानों को सौ टिकट देकर उनकी हितैषी होने की बात करती हैं लेकिन जनता ने उनका यह प्रेम गुजरात चुनाव के समय देख लिया था जब उन्होनें गोधरा काण्ड के आरोपियों के लिए वोट मांगा था। सपा को मुस्लिमों की एक मात्र पार्टी बताते हुए आजम ने कहा कि बसपा व भाजपा हमें किन-किन खिताबों से नवाजती हैं यह किसी से छुपा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के वोट पाने के लिए बसपा ने वादों की झड़ी तो लगा दी लेकिन सूबें मे कई साल हुकूमत करने के बाद भी उन्होंने कितना भला किया यह किसी से छुपा नहीं है। आरोप लगाया कि बहन जी ने आज तक किसी भी पार्क या जिले का नाम किसी सुफी सन्त या हमारे क्रान्तिकारी साथियों के नाम पर तो नहीं रहा बल्कि अकबरपुर जैसे शहर तक का नाम उन्होंनंे बदल डाला।
कैबिनेट मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को भाषा शैली सुधार लेने की नसीहत देते हुए कहा कि मेरी भाषा शैली को लेकर भाजपा वाले आये दिन चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाते हैं जबकि सर्वोच्च पद पर बैठे अपने प्रधानमंत्री की भाषा पर नजर नहीं डालते। आजम खान ने नोटबंदी पर चुटकी लेते हुए कहा कि आम चुनाव मे प्रचार के दौरान भाजपा ने प्रत्येक खाते मे 15-15 लाख रूपये डलवानें की बात की थी जिसकी इन्ट्री करवाने के लिए हम लोग आज तक राह देख रहे हैं। कहा कि नोटबंद के जरिए अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को फायदा पहुचंनाने के लिए जो चाल प्रधानमंत्री ने चली है उसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अपना ही पैसा निकालने के लिए गये लगभग दो सौ लोगों ने बैंकों की लाइनों मे दम तोड़ दिया है और इनकी बद्दुआओं से प्रधानमंत्री बच नहीं पायेगें। आजम ने कहा कि आज देश की सारी पार्टियां अपने आप को मुसलमानों का हिमायती साबित करने मे कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं लेकिन गोधरा व बाबरी मस्जिद काण्ड मे कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं दिखायी दिया था।
आजम ने कहा केन्द्र की सरकार ने विकास की जगह छलावा किया है कहा कि चुनाव के पहले प्रधानमंत्री ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी जबकि अपने ढाई साल कार्यकाल के दौरान मात्र एक लाख लोगों को ही केन्द्र द्वारा रोजगार दिया जा सका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री न जाने कितने दिन और अपने मन की बात करेगंे। प्रधानमंत्री पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि जो अपना खुद का बसा बसाया घर उजाड़ आया हो वह हमें बसाने की बात करता है जो समझ के परे है। कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि हमें ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसकों सिर्फ सुनाने में रूचि है न कि सुनने मे। गंगा सफाई अभियान की भी जमकर आजम ने बखिया उधेड़ते हुए कहा कि गंगा न कभी मैली थी न कभी होगी लेकिन भ्रष्टाचारी नेताओं के नजरिये से नदियां हमेशा गंदी रहती हैं ताकि उनकी सफाई के नाम पर इनकी काली कमाई मे इजाफा हो सके। उन्होंने कहा कि देश मे मुस्लिम तथा हिन्दुओं के बीच मे किसी तरह का कोई फंसाद नहीं है और जो है भी वह बीजेपी व बीएसपी जैसी सम्प्रदायिक पार्टियों की वजह से है।
सपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील करते हुए कहा कि आज उलेमाओ का एक संगठन बीएसपी के पक्ष मे प्रचार करने की जोरदार अपील कर रहा है जबकि यह प्रचार सिर्फ मुसलमानों को बहकाने के लिए हैं ताकि भारतीय जनता पार्टी भारी तादाद मे अपना जनाधार साबित कर सके। बीएसपी व बीजेपी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए कहा कि दोनों ही पार्टियां अल्पसंख्यकों की घोर विरोधियां है तथा सरकार बनते ही प्रदेश के विकास की जगह अपने विकास के लिए ज्यादा मेहनत करती हैं। विरोधियों पार्टियों को सम्प्रदायिक ताकत बताते हुए इनसे अगाह रहने की अपील की। आजम ने कहा कि आज टिकट न मिलने से क्षुब्ध सपा के कई पुराने नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा तो दे दिया लेकिन जिन पार्टियों मे वह शामिल हुए हैं वहां उनकी कोई इज्जत नहीं है। इशारों-इशारों मे अमर सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि एक महान नेता के वजह से मुझे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था लेकिन मैने कभी न तो पार्टी बनायी न ही किसी अन्य दल मे शामिल हुआ।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्याशी सदर चन्द्र प्रकाश लोधी अयाह शाह अयोध्या पाल सहित राफे राना, जगनायक यादव, नफीसुद्दीन, शकील गोल्डी, शहनवाज आलम, जफर असलम, वसीम अंसारी, रेशमा सिद्दकी, रीता प्रजापति, मोहसिन हसन, आजम खान सहित बड़ी तादाद मे पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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