फतेहपुर, शमशाद खान । शहर कोतवाली मे तैनात रहे आरक्षी की मौत का मामला पूरी तरह से पहेली बनता चला रहा है। घटनास्थल का बदलना और आरक्षी की मोटर साइकिल को कुचल कर तोड़ना जैसे अनेक सवाल पुलिस अधिकारियों और जनता के गले के नीचे नही उतर रही है। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह के निर्देश पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भिटौरा बाईपास पर पहुंचकर मानव रक्त का परीक्षण कर रही थी तभी मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल महेश पाण्डेय ने प्रयोगशाला की टीम को धमकी देते हुए उनके ऊपर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली मे तैनात रहे आरक्षी बैजनाथ यादव की मौत भिटौरा बाईपास के समीप हुई थी। सूत्रों कहना है कि शहर कोतवाली महेश पाण्डेय के निर्देश पर मृतक सिपाही और कोतवाल का करीबी हमराही सिपाही व अन्य सिपाही जानवरों की गाड़ी से अवैध वसूली करने गये थे तभी आरक्षी बैजनाथ की मौत हो गयी थी। मौत कैसे हुई और कहा हुई यह पूरी तरह से पहेली बनी हुई है। भिटौरा बाईपास के समीप घटना स्थल था तो शहर कोतवाल को अरबपुर के समीप स्थित अमर शहीद ठा0 दरियाव सिंह की प्रतिमा के समीप का घटनास्थल अधिकारियों को बताने की क्या आवश्यकता थी। यह बात आम लोगों के गले से नीचे नही उतर रही है। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह इस घटना को संदिग्ध मानकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के सचेन्द्र त्रिपाठी और सत्येन्द्र मिश्रा को भिटौरा बाईपास के समीप स्थित घटनास्थल पर जाकर मानव रक्त का परीक्षण करने के लिए निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मौके मे पहुंची प्रयोगशाला की टीम पानी डालकर परीक्षण कर रही थी तभी मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल महेश पाण्डेय ने प्रयोगशाला की टीम पर परीक्षण न करने का दबाव बनाते हुए कहा कि प्रयोगशाला की टीम घटनास्थल का साक्ष्य मिटा रही है। बहरहाल कुछ भी हो आरक्षी की मौत पूरी तरह से पहेली बनी हुई है।

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