फतेहपुर, शमशाद खान । भगवान शिव ही हैं जो देवता और दानवों को समान रूप से प्रिय हैं। समदर्शी हैं। वे वैराग्य के मूर्तिमान स्वरूप हैं। वे नित्य कला के आचार्य हैं। उनका चरित्र सर्वथा अतुलनीय हैं। इन्ही रूपों का शिवभक्तों ने दर्शन कर मोक्ष की कामना की। शहर से एक किलोमीटर दूर प्राचीन मन्दिर ताम्बेश्वर में शिवभक्तों का जमावड़ा भोर चार बजे से लगना शुरू हो गया जो रात आठ बजे तक चलता रहा। एक ओर जहां शिवभक्त शिव दर्शन के लिए लम्बी कतारों में जूझत रहे वहीं दूर-दूर से आये कावारियों का परिक्रमा जारी रहा। शिवभक्त महाशिवरात्री पर्व पर शिव को गंगाजल, दूध, धतूर, फूल, बेेर, शहद, दही, दूध चालव, मेवा मिष्ठान आदि से भोग लगाया। महाशिवरात्री के पावन पर्व पर हर वर्ष की तरह इस बार भी एक दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। जिसमें सीटी, गुब्बारे, पपीरा, खिलौने की खरीददारी बच्चों ने की वहीं महिलाओं ने मेले का आनन्द लिया। प्रसाधन सम्बन्धी सामग्री की खरीददारी की। मेले में लगभग एक लाख की भीड़ का आना-जाना लगा रहा। मेले की सुरक्षा के लिए पुलिस चैकी प्रभारी जेल, आबूनगर सहित कोतवाली प्रभारी और नगर क्षेत्राधिकारी भ्रमण कर जायजा लेते रहे।
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