लखनऊ, सुनील चतुर्वेदी - विभिन्न मुस्लिम सामाजिक संगठनों का साझा गटबंधन मुत्ताहिदा मिल्ली मजलिस उत्तर प्रदेश में होने विधान सभा चुनावों के मद्दे नज़र प्रदेश के तमाम मुसलमानों से अपील करते है, कि वो किसी के बहकावे में आए बग़ैर मतदान मे हिस्सा लें। प्रदेश में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है। इसका मतलब साफ है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपनी जीत का भरोसा नहीं है। मिल्ली मजलिस की नजर में ये गठबंधन मौका परस्ती की एक जीती जागती मिसाल है। चुनाव में मुसलमानो के वोटों पर अपना हक़ जताने से पहले कांग्रेस के आला नेतृत्व और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कुछ सवालो के जवाब देने होंगे।
1. आप मुसलमानों की सुरक्षा की बातें तो खूब करते हैं, लेकिन राज्य भर में हुए सैकड़ों सांप्रदायिक दंगों के पीड़ितों की आपने कभी खबर क्यों नही ली...?
2. दंगा पीड़ित मुसलमानों को आपके राज में न्याय क्यों नहीं मिला....?
3. 2102 के मैनिफेस्टो में आप ने मुसलमानों से 14 वादे किए थे। इनमें से आपने एक भी वादा पूरा क्यों नहीं किया...?
4. वादा करने बावजूद आपन उत्तर प्रदेश में सच्चर समिति और रंगनाथ मिश्रा आयोग की सिफारिशों को लागू क्यों नहीं किया...?
5. आपने मुसलमानों को राज्या में उनके आबादी के हिसाब से 18.5 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया थी। पूरे पांस साल पूऱ्ण बहुतमत की सरकार चलाने के बावजूद इस वादे को पूरा करन के लिए आपने कौई कदम नहीं उठाया।
6. आपने पुलिस में आबादी के अनुपात में मुसलमानों की भर्ती का वादा किया था। ये वादा भी झांसा ही साबित हुई। मुसलमानों वोट लेकर आपने उनस इतन बड़ा धोखा क्यो दिया।
7. आप मुसलमानों की बातें तो करते हैं, लेकिन कभी जेल में बंद निर्दोष मुसलमानों की रिहाई के ठोस कदम नहीं उठाया। निर्दोष मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी को लेकर क्या आपकी सरकार कभी गंभीर क्यों नहीं नहीं हुई...?
8. आपने जेलों में कैद निर्दोष मुस्लिम नौजवानों को रिहाई के बाद न्याय और मुआवजे का वादा किया था, पिछले पांच सालों में एक भी युवक की न जेल से रिहाई हुई न मुआवज़ा मिला। ऐसा क्यों...?
9. आपने मुस्लिम बहुल जिलों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की बात कही थी, तो अब तक एक भी केंद्र स्थापित क्यों नहीं हो सका...?
10. उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में उर्दू माध्यम स्कूल स्थापित करने का वादा भी आपने किया था। इस सुंदर वादे को अपने ने कितना पूरा किया...?
11. वक़्फ़ की ज़मीन को सरकारी कब्जे से मुक्त करान की भी आपने वादा किया था। लेकिन आपन गैरकानूनी कब्ज़ों को हटाने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया...?
12. क्या पिछले पांच सालों में अपना एक भी ऐसा कारनामा है, जिसका मुसलमान फख्र के साथ नाम ले सकें...?
ये तमाम सवाल मुत्ताहिदा मिल्ली मलिस ने अपनी तरफ से नहीं गढ़े हैं। बल्कि उस चुनाव घोषण-पत्र पर आधारित हैं जो समाजवादी पार्टी ने 2012 के चुनाव से पहले जारी किया था। अगर अखिलेश यादव पूरे पांच साल अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार चलाने के बावजूद अपने चुनाव घोषणा-पत्र को लागू नहीं कर सके तो इस बात की क्या गारंटी है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन की सरकार बनने पर वो मुसलमान से किए गए वादे पूरे करेंगे। लिहाजा यूपी के मुसलमानों से मुत्ताहिदा मिल्ली मजलिस की अपील है कि मतदान से पहले वो इस बात पर ज़रूर गौर करें कि जिस अखिलेश यादव को उन्हीं के पिताश्री मुलायम सिंह ने मुसलमान विरोधी करार दिया है क्या वो मुसलमानों के वोट हासिल करने लायक हैं।
मुफ्ती एजाज़ अरशद क़ासमी
अध्यक्ष, मुत्ताहिदा मिल्ली मलिस
मुत्ताहिदा मिल्ली मलिस मे शामिल अन्य संगठन
1- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड। (मुफ्ती एजाज अरशद क़ासमी)
2- अखिल भारतीय इमाम फाउंडेशन (कारी मोहम्मद आरिफ)
3 जामा मस्जिद (हाफिज मोहम्मद जावेद)
4 फतेहपुर मस्जिद (मुफ्ती मुअज़्ज़म अली)
5-मिल्ली फाउंडेशन (मौलाना साबिर क़ासमी)
6-देवबंद ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन (मुफ्ती मोहम्मद सलीम)
7 नदवा ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन (मौलाना अरशद नदवी)
8-जामिया ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन
9 फलाह-ए-उम्मत फाउंडेशन (मौलाना कासिम नूरी)
10 इमदाद फाउंडेशन (मौलाना याकूब क़ासमी)
11 अखिल भारतीय तंज़ीम उलेमा हक। (मौलाना एजाज उर्फी)
12 अखिल भारतीय तंज़ीम-ए-उलेमा मदारिस। (मौलाना अताउल्ला )
13 हजरत निजामुद्दीन औलिया वेलफेयर सोसायटी (कारी साजिद मंसूर)

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