फतेहपुर, शमशाद खान । हत्या के एक मामले में हुसेनगंज थाना क्षेत्र के खेरवा गांव की घटना पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मा, मनराज सिंह ने दो आरोपियों के आजीवन कारावास की सजा सुना 15-15 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया है। हुसेनगंज थाना क्षेत्र के खेरवा गांव निवासी बिहारी लाल केवट का पुत्र भोंदू उर्फ भरत 20 फरवरी 2011 को अचानक गायब हो गया था जिसकी लाश दो दिन बाद गांव से 3 किमी, दूर एक खेत में मिली थी। पिता की तहरीर पर पहले गुमशुदगी और बाद में धारा 302 आईपीसी का मुकदमा रिंकू व लक्ष्मी पुत्र राम बहादुर केवट के खिलाफ दर्ज कराया था। पिता बिहारी केवतट ने दी गयी तहरीर में कहा था कि रिंकू व उसका बेटा भोंदू दिल्ली में साथ नौकरी करते थे। घर आने के दौरान बेटे भरत ने रिंकू को 10 हजार रूपये घर में देने को दिये थे लेकिन उसने वह पैसे नहीं दिये। दिल्ली से वापस घर आये भरत ने पत्नी से पैसों के बारे में पूछा तो पत्नी से पैसों के बारे में पूछा तो पत्नी ने पैसा न दिये जाने की बात बतायी जिस पर उसने रिंकू से पैसों की मांग की जिसके कारण रिंकू व लक्ष्मी ने उसे घर से बुलाकर मार डाला और शव फेंक दिया। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। शासकीय अधिवक्ता अजय पटेल द्वारा साक्ष्यों को मा, न्यायालय के समक्ष रखा जिस पर न्यायधीश ने दोनो को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनायी।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment