फतेहपुर, शमशाद खान । जिला महिला चिकित्सालय में नर्सो की दबंगई के आगे महिला मरीज डरी सहमी रहती है। मरीजों को क्या बीमारी है या उसे क्या तकलीफ है यह भी बता पाने में हिचकिचाती है। क्योकि नर्से इस कदर मरीज के साथ पेश आती है जैसे वह किसी मरीज से बात न करके किसी मुल्जिम से रूबरू हो रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाना तो दूर की बात है। यहां तैनात नर्से सीधे मुंह मरीजों से न तो बात करती है और न मरीजों की बात सुनती है। इनका रवैया मरीजों के साथ कुछ ऐसा रहता है जैसे गांव में कोई दबंग अपनी दबंगई कायम रखने के लिए हर सीधे-साधे ग्रामीण पर तरह-तरह से रौब गालिब करता है। महिला अस्पताल में तैनात नर्सो को सीएमएस का भी भय नही रहता है। मरीजों से चिल्लाकर बात करती है। जो मन में आता है वह कह देती है। महिला नर्सो की दबंगई देखनी है तो वार्ड में प्रसव के दौरान या फिर टीकाकरण के दिन कक्ष में देख सकते है। जहां यह मरीजों के साथ यमराज की तरह पेश आती है। नाम न छापने की शर्त पर टीकाकरण के लिए आयी महिलाओं ने बताया कि वह अशिक्षित है इसलिए उन्हें ज्यादा जानकारी नही है। नर्सो से जानकारी करने पर उन्हें डांट डपटकर भगा दिया गया। वहीं एक महिला ने बताया कि बच्चे को टीका लगवाया। जिससे उसे खून निकल आया। इसके बाद भी स्प्रिट लगी हुई रूई नही लगायी गयी। मांगने पर जवाब दिया कि टीका लगा दिया यही बहुत बड़ी बात है। नर्सो की यह दबंगई कोई नई बात नही है। इन्होने अपना रवैया ही कुछ ऐसा अख्तियार कर रखा है। सरकार से वेतन तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा व सेवा का लेती है। लेकिन मरीजों पर रौब ऐसे गांठती है जैसे यह उनकी सेवक न होकर मरीजों को ही इनकी चाकरी करनी चाहिए। यह हकीकत जिसे भी देखनी हो वह वार्डो में व टीकाकरण कक्षो में कभी-भी देख सकता है।

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