फतेहपुर, शमशाद खान । मतदान की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे प्रत्याशी तथा उनके समर्थक गांव गालियारों में चहल कदमी तेज कर दी है और बराबर सभी प्रत्याशीयों का सम्पर्क जारी है और तरह-तरह के सवालो से भी गुजरना पड़ रहा है बताते चले कि विधान सभा चुनाव के चैथे चरण के तहत जिले में 23 फरवरी को मतदान होना है। चुनाव की तिथि को नजदीक आते देखते हुए जहां एक ओर चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशीयों द्वारा गांव गांव जाकर जन सम्पर्क अभियान के तहत चुनाव प्रचार में तेजी देखी जा रही है। वही दूसरी ओर स्टार प्रचारको की सभाओं में अपने-अपने सरकार की उपलब्धियों केा गिनाकर मतदाताओं को अपनी ओर खींचने का काम किया जा रहा है। गांव गलियारों में चुनावी सरगमीं दिन प्रतिदिन तेज होती जा रही है और प्रत्यशियों द्वारा जातिगत आकड़ो को देखते हुए मतदाताओं को रिझाने के लिऐ उसी के नेता को गांव में लगाकर बिरादरी मतदाताओं को मैनेज करने का काम किया जा रहा है। इस तरह से प्रत्याशियों द्वारा सजातीय लोगों के वोटो को मैनेज करने के लिए भेजा जा रहा है। जो नेता अपनी बरादरी मे ंप्रत्याशी के पक्ष में वोट मागते है। मजे की बात तो यह है कि कुछ गांवो का तो यह हाल है कि जो भी प्रत्याशी अपने पक्ष में वोट मांगने जाता है। मतदाता उसी के जयकारे लगाने लगते है और प्रत्याशी के गांव के बाहर निकलते ही पूरी तरह से चुस्की लेने लगते है और कहते है अब समय बदल गया है। आज का प्रत्याशी अपने आप को जितना होशियार समझा रहा है। उससे कहीं ज्यादा मतदाता अपने आप को जितना होशियार समझ रहा है उससे कहीं ज्यादा मतदाता अपने आप को होशियार समझ कर नेताओं के साथ व्योहार कर रहा है। और कह रहा है कि हम लोगो ने आप जैसे नेताओं से ही सीख ली है। ऐसी दशा में प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा यह अनुमान लगाया जाना बड़ा मुश्किल है कि कौन मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कहा करेगा। इससे मतदाता के मतों का अन्दाज नही लगाया जा सकता कि मत किस पार्टी में जा रहा है। इसका तो असली पता मतगणना वाले दिन ही पता चल सकेगा।
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