फतेहपुर, शमशाद खान। पानी पीने के बहाने घर में अकेली नाबालिग से बलात्कार करने वाले एक आरोपी को आज अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास अहमद अंसारी ने अलग-अलग धाराओं में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 25 हजार रूपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतरिक्त कारावास भुगतने के निर्देश दिये है। घटना गाजीपुर थाना क्षेत्र के चुरियानी समियाना गांव में घटी थी। कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत मुसईपुरवा निवासी अजय सिंह चैहान रिश्तेदारी में चुरियानी समियाना आया हुआ था। नाबालिग पीड़िता अपनी मौसी के यहां रह रही थी। 17 जून 2014 को अजय मौसी के घर पहुंचा और नाबालिक से पानी मांगा। नाबालिग को अकेला देख अजय की नियत बिगड़ गयी और उसके साथ जबरियन बलत्कार कर धमकाते हुए मौके से भाग खड़ा हुआ। घर लौटें मौसी के लड़के को पीड़िता ने घटना की जानकारी दी। मौसी का लड़का सीधा थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया। आखिर में थक हारकर पीड़ित परिवार ने धारा 156 (3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की। अदालत ने पुलिस को मुकदमा दज्र कर विवेचना करने के निर्देश दिये। अदालत के आदेश पर अभियुक्त अजय सिंह चैहान के खिलाफ पुलिस ने धारा 376 आईपीसी व धारा 4 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दज्र किया था। आज मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकार अहमद अंसारी ने सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीनारायण वर्मा व शैलेन्द्र कुमार सिंह पटेल के द्वारा उपलब्ध कराये गये सबूतों व गवाहों को पर्याप्त मानते हुए अभियुक्त को दोषी करार देते हुए धारा 376 आईपीसी में 10 वर्ष व 25 हजार रूपये जुर्माना तथा धारा 3 पास्को एक्ट में 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतरिक्त कारावास देने के भी निर्देश दिये है।
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