फतेहपुर, शमशाद खान । सावाधान यदि आप सरसों के तेल का सेवन कर रहे है तो उसे जाच परखकर ही खरीदें। इन दिनों मिलावटी तेल पर लेबिल लगा उसे ब्राण्डेड बनाकर बाजारों में बेचा जा रहा है। कस्बे में मिलावटी तेल का धांधा जारो पर है आलाम यह है कि व्यवपारियों की जेबों का वजन इस व्यवसाय से बढ़ रहा है लेकिन मिलावटी तेलों के उपयोग से लोग बीमारियों से प्रसित हो रहे है। लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग सब कुछ जानते हुए भी अंजान बना हुआ है। बताते चले कि कस्बे में मिलावटी सरसों के तले का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। कारापेबार के माफिया रिफाइड के साथ मिलावट कर सरसों के तेल को तैयार कर रहे है। इतना ही उस पर कपंनी का लेबिल लगाकर ब्राण्ड बनाकर उपभोक्ताओं के बीच परोस रहे है। आलम यह है कि बाजार से खरीद दारी करने वाला उपभोक्ता असली व नकली की पहचान नहीं कर पा रहा है। जिसके चलते इस मिलावटी तेल का उपयोग कर रहा है। मिलावटी तेल के उपयोग से कस्बे के लोग तरह तरह की बीमारियांें की चपेट में आ रहे है। सूत्रों की माने तो इस मिलावटखोर धंधे में स्वास्थ विभाग के कर्मचारी भी शामिल है। जिसके चलते इन मिलावट खोरों पर लगाम नहीं लगाई जा रही है। यहां तक की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने जाचपड़ताल करना भी मुनासिब खोरों की हौसले बुलंद है। इस मिलावटी तेल के प्रयोग से लीवर किडनी, आखों के इंफेकशन आदि बीमारियों की चपेट में आ रहे है।
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