फतेहपुर, शमशाद खान । घरेलू गैस सिलेन्डरों का व्यवसायिक इस्तेमाल करने वाले पर प्रशासन द्वारा की जाने वाली धारा 3/7 की कार्रवाई भी इस पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। बताते चले कि पूर्व में चलाएं गए अभियान दौरान जहां 30 से अधिक भरे सिलेन्डर जप्त किये गये थे। वहीं कई लोगों ने विरूद्ध उक्त कार्रवाई की गयी थी। परन्तु इसके बाद भी कोई रोक नही लग पा रही है। खागा तहसील के स्थानीय कस्बों समेत नगर अन्य कस्बों व ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस से भरे सिलेण्डरों का खुलेआम बेखौफ व्यवसायिक इस्तेमाल किया जाता है। इनकी संख्या दर्जनों में बतायी जाती है। सूत्र के मुताबिक इस पर अंकुश लगाने के लिये प्रशासन द्वारा लगाने के लिये प्रशासन द्वारा चलाये गये अभियान दौरान पकड़े गये लोगों के खिलाफ की गयी धारा 3/7 की कार्रवाई पर संबधित विभाग द्वारा कोई कड़ा कदम न उठाए जाने की वजह से इसके प्रयोग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। आज भी कार्रवाई के चपेट में आने वाली समेत अन्य लोग बेखौफ होकर इसका व्यवस्था पिक उपयोग करने में लगे हैं पर्व शुरू है इस लिए इसका प्रयोग तेजी के साथ जगह-जगह पर किया जाता है। जबकि दौरान अभियान कहा गया था कि इसका व्यवसायिक उपयोग करने वाला कोई भी होगा उसको बख्सा नहीं जाएगा। सूत्र की माने तो व लोग अपने बचाव के लिये और प्रशासन द्वारा की गयी कार्रवाई को झूठा साबित करने के खातिर धारा 3/7 के मुकदमे में फाइनल लगाने के लिये खाकी की गणेश परिक्रया करने में लगे हुए है। जो इसकी चपेट मे ंफंसे है। अब देखना यह होगा कि पूर्ति विभाग खुद के द्वारा कराई गयी कार्रवाई को सही साबित करेगा। यह फिर जांच अधिकारी उनके मुकदमे को गलत साबित करते है। चूंकि जो हालत पैदा हो गये है। उससे यह नहीं लगता है कि धारा 3/7 की कार्रवाई की सच साबित किया जा सके। सूत्र के मुताबिक यदि खादी की मेहरबानी से किसी एक मुकदमे में फाइनल की कार्रवाई की जाती है, तो अन्य चपेट में आए लोग इसको नजीर बना सकते है। जिसके बाद उक्त धारा का वसूद ही समाप्त हो सकता है।
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