फतेहपुर, शमशाद खान । वाहनों की बढ़ती जनसंख्या के चलते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है पूरे दिन शहर के प्रमुख मार्गों मे जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम का मुख्य कारण एक और भी है अवैध अतिक्रमण जिसके चलते वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है लोग घंटों जाम मे फंसे रहते हैं। ट्राफिक पुलिस भी नाम मात्र की है इसलिए हर चैराहों पर ट्राफिक के जवान भी नजर नहीं आते जिसके चलते जिधर देखों उसी मार्ग पर लगे जाम में पब्लिक को परेशान होना पड़ रहा है। आवागमन में जो समय बर्बाद होता है। उससे लोगों के निर्धारित कार्य नहीं हो पाते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा आवागमन व्यवस्थित रखने के लिए कोई कदम नहीं उठाये जाते हैं।
आज साप्ताहिक बाजार मंगलवार के दिन कई प्रमुख मार्गाें एवं चैराहे पर जाम का झाम रहा। तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या के चलते प्रमुख मार्गों पर रोज जाम लगता है। जाम से नागरिकों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। इसके बाद भी प्रमुख चैराहों को यातायात का एक सिपाही नसीब नहीं हो रहा है। जो जाम की समस्या से लोगों को निजात दिला सकें। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जहां आने जाने में एक घन्टे का समय लगता है। मार्गों पर लगने वाले जाम के कारण वहां आने जाने में दो घन्टे का समय बर्बाद हो जाता है। यूं तो कई स्थानों पर जाम का झाम रहा। लेकिन साप्ताहिक बाजार मंगलवार का दिन होने की वजह से लाला बाजार व चैक में अधिक समस्या रही। पीलू तले व चैक चैराहे पर लोगों को जाम से जूझना पड़ा। जाम में फंसे शहरी यातायात व्यवस्था को कोसते रहे। लोगों का कहना रहा कि मार्गों के किनारे फैले अतिक्रमण न हो तो जाम की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। वहीं आड़े तिरछे मार्गों पर खड़े वाहन यदि लोग अपने वाहन तरतीब से खड़े करें तो व्यवस्था इतनी न बिगड़े जितनी बिगड़ जाती है। लोगों का यह भी कहना रहा कि चैराहों को एक यातायात पुलिस का जवान नसीब नहीं होता है। दूसरा यह कि चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर नोइन्ट्री का पालन नहीं कराया जाता है। जिसका खामियाजा सबको भुगतना पड़ता है। जाम की बढ़ती समस्या वार के रूप में दिखने लगी है। मंगलवार को आईटीआई रोड़, ज्वालागंज बस स्टाप, पटेल नगर चैराहा, जीटीरोड़ अस्पताल के पास, बाकरगंज, शादीपुर चैराहा, पत्थरकटा चैराहा आदि प्रमुख स्थानों पर पूरे दिन जाम की स्थित बनी रही और लोग प्रशासन को कोसते रहे।

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