फतेहपुर, शमशाद खान । विधानसभा चुनाव में पुलिस की व्यस्तता के चलते शहर क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाली हरिहरगंज पुलिस चैकी क्षेत्र में प्रतिदिन जगह-जगह लाखों की हार-जीत की बाजी लगाई जाती है। लेकिन स्थनीय चैकी में तैनात कानून के रखवालों को शायद सज रही जुऐं की फड़ों की जानकारी नहीं हो पाता या यूं कहें कि खाकी वर्दी धारी जानकर भी अन्जान बनें रहते है। जिसे संचालित होने वाली जुऐं की फड़े बदस्तुर जारी रहती है। बतातें चलें कि सदर कोतवाली क्षेत्र के हरिहरगंज स्थित चैकी क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर जुऐं की फड़ें संचालित हो रही है। सूत्रों की मानें तो इन जुओं की फड़ों ने हार-जीत की बाजी प्रतिदिन लाखों रूपये में लगती है। जिसमें शहर के विभित्र मुहल्लें सहित ग्रामीणांचल के लोग भी हार-जीत की बाजी लगाने वालों में शामिल होकर अपनी किस्मत आजमाते है। हालांकि हार-जीत की बाजी लगाने वालों में किसी की किस्मत साथ देती है। तो किसी की नहीं। सूत्रों का कहना है कि हार-जीत की बाजी लगाने वाले हारे या जीते लेकिन संचालक दिनों-दिन मालमाल होते जा रहे है। सूत्रों का कहना है कि हार-जीत की बाजी लगाने वालों से संचालक नाल के नाम पर मोटी रकम प्रतिदिन वसूलते है। इसके अलावा जीतने वालों से भी संचालक पैसा वसूल करते है। गौरतलब हो कि हरिहरगंज चैकी क्षेत्र में विगत कई वर्षो से जुऐं की फड़ें बदस्तूर संचालित हो रही है। जिसमें संचालक मालमाल हो रहे है। विश्रसनीय सूत्रों की मानें तो लोग प्रतिदिन पैसे लेकर फड़ों में पहुंचते है उनके पास हारने के बाद खत्म हुए पैसों के एवज में संचालकों द्वारा लगाये गये गुर्गे पैसा हारने वाले लोगों को 20 प्रतिशत ब्याज की दर से पैसे भी देते है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जुऐं में हारने वालों द्वारा वाद-विवाद की स्थित भी उत्पत्र की जाती है। वाद-विवाद की स्थित भी उत्पत्र की जाती है। वाद-विवाद के बाद संचालक व उसके गुर्गो के कोपभाजन का शिकार भी लोगों को बनना पड़ता है। सूत्रों का कहना है कि संचालकों द्वारा पुलिस को तय सुदा रकम अदा की जाती है। जिसके चलते पुलिस सब कुछ जानकर भी अन्जान बनी रहती है।
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