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Saturday, 28 January 2017

मोदी मुखौटे से निकलकर सदर विधायक को इस बार देनी पड़ेगी अग्नि परीक्षा

फतेहपुर, शमशाद खान । लोकसभा चुनाव के साथ सदर विधान सभा की खाली सीट पर हुए उपचुनाव मे मोदी मुखौटे पर भगवा लहराने वाले विधायक विक्रम सिंह पर एक बार फिर भाजपा ने दांव खेला है। भाजपा को इस अपने सदर सीट के फतह पर कहीं न कहीं गर्व नजर आ रहा है। उसके पीछे उनकी शैक्षिक योग्यता और समय-समय पर सदर मे अपने विधान सभा के उन प्रमुख मुद्दों को खरोज कर निस्तारित कराने की जिद्द पार्टी को पसंद आ रही है। सपा व कांग्रेस के गठबन्धन के बाद भाजपा के सदर सीट से पसंदीदा उम्मीदवार को मतदाता किस हद तक वोट करेगा। यह एक बड़ा सवाल आगामी 23 फरवरी होगा। चुनाव प्रचार मे जहां नोटबन्दी, किसान, रोजगार, अपराध के साथ-साथ विकासीय मुद्दों को स्टार प्रचारक हवा देगें लेकिन इन तमाम मुद्दों के सापेक्ष स्थानीय मुद्दों को कितना स्थान मिलेगा और कौन मतदाता के सामने स्पष्ट रूपरेखा साबित करेगा। यहीं चुनावी रेखा की दिशा आर पारकर चुनावी नाव को जीत के किनारे पहुंचाने का काम करेगा। भाजपा का भगवा लेकर विधानसभा सदर मे दौड़ने वाले विधायक श्री सिंह ने केवल स्थानीय मुद्दों को तहजीर नहीं दी है बल्कि लोकतंत्र की खामियों पर भी सुधार लाने का भी बीड़ा उठाया। इसी तर्ज पर उन्हांेने एक सवाल के जवाब पर कहा कि प्रदेश के 403 विधायकों पर वह एक ऐसे विधायक है जिन्होंने ढाई साल के कार्यकाल मे प्रतिवर्ष 180 करोड़ का बजट मिलने वाला विकासीय कार्यों मे खर्च हो गया तो वहीं सदर विधायक श्री सिंह ने अपने निजी खर्च मे मिलने वेतन व भत्ते को भी विकासीय कार्य मे खर्च करने मे पीछे नहीं रहे। उन्हांेने यह भी कहा कि विकासीय कार्यों मे खर्च हुए बजट को आम आवाम के बीच एक-एक पाई का हिसाब केवल कागजातों के दस्तावेजों मे दर्ज नहीं है बल्कि वेबसाइट पर भी आम आवाम के सामने है। उन्होंने एक सवाल के जवाब पर यह भी कहा कि हमारे लिए मेक इन इण्डिया को सजाने का सपना है लेकिन उससे पहले सदर विधानसभा मेक इन इण्डिया के नक्से मे फतेहपुर का नाम दर्ज हो इसके लिए शिक्षा के लिए एक विशेष पहल की है। उनका कहना रहा कि प्रदेश मे उनकी सरकार बनती है तो जिले मे एनुवर्सिटी बनेगी जिससे शिक्षा एवं प्रतिभा को प्रगति मिल सकेगी। सदर विधायक श्री सिंह से समाजवादी एवं कांग्रेस के गठबंधन पर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कल तक एक दूसरे पर कटाक्ष ही नहीं बल्कि तंज कसने वाले लोगों ने जो हांथ मिला लिये हैं उससे पार्टी पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। कानून कैसे बेहतर हो इस पर भी उन्होंने कहा कि थानों पर हरियाली पहुंचे और उसकी बात सुनी जाये। कार्यवाही पूर्णतः हो इसके लिए डिजिटल थाना होना जरूरी है। गरीबों की बात सुनने के लिए विधायकों को भी जिलाधिकारी कैम्पस पर ही बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये ताकि उनकी शिकायतों से जनप्रतिनिधि वाकिफ हो सके और उस कार्यवाही को अमली जामा पहना सके। 

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