फतेहपुर, शमशाद खान । विराट ब्राम्हण महासभा के दो दिवसीय समागम अधिवेशन में सुजातीय बन्धुओं के स्वाभिमान को जगाते हुए निर्णय लिया कि चोटी, रोटी और बोली पर हमला किसी भी सूरत मे बर्दास्त नहीं किया जायेगा। साथ ही ब्राम्हण समाज को अल्पसंख्यक का दर्जा और सवर्ण रक्षा आयोग का गठन जब तक नहीं होगा तब तक महासभा धोखेबाज राजनीतिक दलों से दूरी बनाये रखने का आहवान किया गया।
कलक्टरगंज स्थित प्रदर्शनी मैदान मे विप्र समागम के अन्तिम दिन अधिवेशन का उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष पं0 राजेश्वर तिवारी ने भगवान परशुराम के चित्र पर पूजा अर्चना व माल्र्यापण कर किया। अधिवेशन मे निर्णय लिया गया कि सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया जायेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा कि राजनैतिक दलों ने चुनाव के मद्देनजर ब्राम्हण वोट हथियाने के लिए टिकट का हथकंडा अपनाया है जो सफल नहीं होगा। सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार मे ब्राम्हण महिलाओं की आबरू लूटी गयी तो बसपा के शासन मे कई जगहों पर ब्राम्हणों को जिंदा जलाया गया जिसको ब्राम्हण समाज भुला नहीं सकता। अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री भूदेव संजय विद्यार्थी ने कहा कि प्रदेश मे ब्राम्हण 12 प्रतिशत और मुस्लिम 20 फीसदी है इसके बावजूद हमें बहुसंख्यक गिना जाता है और उनको अल्पसंख्यक बताकर लाभ पहुंचाया जा रहा है। ब्राम्हण समाज को सुप्रीम कोर्ट और संविधान की व्यवस्था के अनुरूप अल्पसंख्यक का दर्जा देकर वह सभी सुविधायें दी जानी चाहिये जो वोट के लिए उन्हें मुसलमानांे को मिल रही हैं। साथ ही समाज की एकजुट रहने का आहवान किया गया। इस मौके पर पं0 प्रेम स्वरूप मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष पं0 विवेक वशिष्ठ, पंकज उपाध्याय एडवोकेट, मणिकान्त दीक्षित, रवीन्द्रनाथ तिवारी, कल्पना शुक्ला, माधव वशिष्ठ, दिनेश प्रसाद अवस्थी, संजय तिवारी आदि रहे।

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