फतेहपुर, शमशाद खान । शहर क्षेत्र के वीआईपी रोड़ स्थित ताम्बेश्वर मंदिर के समीप संचालित सूर्यकमल ग्रुप आफ निधि व म्यूचुवल कम्पनी के संचालक नटवर लाल ने अपने गोरख धंधे से उपभोक्ताओं से करोड़ रूपये की ठगी का शिकार बनाया है। इतना ही नही कम्पनी के संचालक नटवर लाल के दो लाल है जो उपभोक्ताओं को दिन मे तारे दिखाकर अपने जाल मे फंसाकर उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान किये जाने का दबाव बनाये जाने पर चेक काटकर दे देते हैं जो उपभोक्ताओं द्वारा बैंक मे लगाये जाने पर खातेे मे पैसा न होने के कारण बाउन्स हो जाती है। कम्पनी से जुड़े ऐसे तमाम उपभोक्ता है जिनको दी गयी चेके बाउन्स हो गयी हैं। कम्पनी के संचालक नटवरलाल ने वीआईपी रोड़ स्थित अपनी मुख्य शाखा मे कम्पनी का बोर्ड हटाकर उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का बोर्ड लगा रखा है। बताया जाता है कि कम्पनी के संचालक नटवर लाल ने अपनी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन अपनी पत्नी के नाम पर कराया है किन्तु उपभोक्ताओं को दिये जाने वाले बान्ड पर हस्ताक्षर स्वयं बना कर देता है। ठगी की दुनिया का बेताज बादशाह ने उपभोक्ताओं के साथ ठगी करने मे इजाफा करने के लिए दो लाल पाल रखे हैं जो गांव देहात से लोगों को अपनी लच्छेदार बातों मे फंसाकर कम्पनी से जोड़कर ठगी का काम करते हैं। शिक्षा विभाग से ताल्लुक रखने वाला नटवर लाल प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत है तथा इसके ऊपर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी तरह से मेहरबान है। बताया जाता है कि एक जमीन के फर्जी बैनामा कराये जाने के आरोप मे नटवरलाल को पुलिस ने जेल भेजा था तथा जेल मे रहते समय नटवर ने वहां के डाक्टरों को शारीरिक कष्ट बताकर जिला कारागार से सरकारी अस्पताल मे उपचार के लिए भर्ती हो गया था तथा जमानत मे रिहा होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मे सांठ-गांठ करके स्वयं को निलम्बित करवा लिया था कि जिससे वह विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की आंख मे धूल झोंककर कार्यवाही से बच सके। बताया जाता है कि कम्पनी के ठगी की दुनिया के नटवर लाल ने कम्पनी से जुड़े उपभोक्ताओं के पैसे से नगर पालिका क्षेत्र से बाहर लगभग चालिस लाख रूपये कीमत की जमीन को खरीदा था। उपभोक्ताओं के बढ़ते दबाव को देखकर ठगी की दुनिया के नटवर लाल ने स्टेट बैंक कृषि शाखा के सामने स्थित कम्पनी की शाखा का ताला तो खुलवा दिया किन्तु उपभोक्ताओ का भुगतान करने वाला कोई जिम्मेदार संचालक का गुर्गा मौजूद नही था। कम्पनी के संचालक नटवरलाल के खिलाफ उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय मे प्रर्दशन कर कम्पनी के खिलाफ कार्यवाही किये जाने तथा भुगतान कराये जाने की मांग की थी किन्तु इतने दिन का समय बीत जाने के बाद भी कम्पनी के संचालक और ठगी की दुनिया के नटवरलाल तथा उसके दो लाख के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गयी है। बताया जाता है कि यदि इस कम्पनी के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच हो जाए तो बड़े पैमाने पर फर्जी बाड़े का पर्दाफाश हो सकता है।
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