फतेहपुर, शमशाद खान । शहर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का पुरसाहाल नहीं है। स्थायी व संविदा पर रखे गये सफाई कर्मियों की भारी भरकम फौज भी व्यवस्था को दुरूस्त कर पाने में नाकाम हैं पालिका प्रशासन की शिथिल कार्यशैली और सफाई विभाग के मनमाने रवैये के चलते तमाम मोहल्लों में नालियां चोक हैं शहर क्षेत्र की सवा दो लाख की आबादी मे ंसफाई व्यवस्था दुरूस्त न होने से लोग परेशान है। स्थायी तथा संविदा सफाई कर्मियों की फौज भी व्यवस्था दुरूस्त करने में नाकाम है। इस सबके पीछे कहीं न कहीं पालिका सफाई विभाग दोषी बताया जा रहा है। सफाई विभाग के अधिकारी एक तरफ जहां सफाई कर्मियों के मनमाने रवैये पर अंकुश लगा पाने में नाकाम हैं वही ंयहां वर्षो से जमे घाघ कर्मचारी अपनी जेब भरने के लिए लगभग तीन दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों से सुविधाशुल्क लेकर उन्हें अवकाश की छूट दिये रहते है। वाहनों में कर्मचारियों की भारी भरकम फौज तो कागजों में दर्शायी गयी है लेकिन मौके पर आधे भी नही रहते है। गायब रहने वाले सफाई कर्मियों से विभाग के घाघ अधिकारी हर माह सुविधाशुल्क वसूल करते हैं कुछ कर्मचारी मेहनत से बचने के लिए अपनी डयूटी सुविधाशुल्क देकर वाहनों में लगवाते है। जिसका असर व्यवस्था पर पड़ता हैं इन्ही सफाई कर्मियों की कामचोरी के चलते ही सफाई कर्मियों की कामचोरी के चलते ही सफाई व्यवस्था चैपट हैं अधिशाषी अधिकारी एवं सफाई निरीक्षक द्वारा क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा न लिए जाने का सफाई कर्मचारी फायदा उठा मनमानी करने में जुटे है। कुछ मोहल्ले तो ऐसे है। जहां महीने में दो दिन ही कर्मचारी डयूटी पर जाते हैं पिछले काफी समय से एक कार्यदायी संस्था द्वारा ठेके पर एक सैकड़ा सफाई कर्मियों की आपूर्ति पालिका में की गयी है। लेकिन इसमें भी जमकर खेल किया जा रहा है। मौके पर कर्मचारियों की संख्या कुछ और रहती है। और कागजों में कुछ और रहती है ंईओ रश्मि भारती का कहना है कि मनमानी करने वाले सफाई कर्मियों की शिकायत मिली हैं शीघ्र औचक निरीक्षण कर व्यवस्था देखी जाएगी और जिस कर्मचारी की लापरवाही मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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