फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद मे सम्पन्न होने वाले विधानसभा चुनाव मे भारतीय जनता पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को अपनों से ही भितरघात का खतरा मंडराने लगा है। जिले की 6 विधानसभा की सीटों मे खागा सुरक्षित और हुसेनगंज तथा सदर सीट पर पार्टी हाई कमान द्वारा घोषित प्रत्याशियों का विरोध उतना जोर नही पकड़े है कि जितना बिन्दकी और शाह अयाह विधानसभा के घोषित प्रत्याशियों को अभी से ही अपनों के कोप भाजन का शिकार होना पड़ रहा है। बिन्दकी विधानसभा से पिछली बार चुनाव लड़ चुके पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह पटेल ने तो अपनी पार्टी के खिलाफ खुली बगावत करनी शुरू कर दी है। पूर्व मंत्री ने तो यहां तक कहा है कि यदि उनके समर्थक कहेगे तो वह निर्दलीय चुनाव लड़नंे से पीछे नही हटेगें। शाह अयाह विधानसभा से टिकट का दम भरने वाली हेमलता पटेल ने भी घोषित भाजपा प्रत्याशी के विरोध मे जंग छेड दी है। गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि उनको पार्टी हाई कमान ने पहले टिकट देने का आश्वासन दिया था किन्तु बाद उनके स्थान पर पूर्व मंत्री राधेश्याम गुप्त के छोटे पुत्र विकास गुप्ता उर्फ बबलू को प्रत्याशी बनाया गया है। हेमलता पटेल ने भी भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं हुसेनगंज विधानसभा से पिछले काफी समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे शिवसरन सिंह यादव ने अपना राजनैतिक कैरियर समाजवादी पार्टी से शुरू की थी किन्तु बाद मे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आस्था व्यक्त करते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था लेकिन टिकट न मिलने से वह भी पार्टी की वफादारी से दूर हो गये हैं। इन विधान सभाओं मे यदि पार्टी के प्रत्याशियों को अपनों के ही कोप भाजन का शिकार होना पड़ा तो भाजपा के घोषित प्रत्याशियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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